नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने इसे युवाओं की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह किसी अभियान का अंत नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों, समर्थकों और आलोचकों का भी आभार व्यक्त किया।
’37 दिन आसान नहीं थे’
अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछले 37 दिन आंदोलन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। उन्होंने बताया कि इस दौरान वह टाइफाइड और तेज बुखार से पीड़ित थे, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन से जुड़े रहे।
उन्होंने कहा, “जो लोग 37 दिनों तक जंतर-मंतर पर डटे रहे, मैं उन सभी का दिल से धन्यवाद करता हूं। आपने इस देश के लिए जो किया, उसकी मैं वास्तव में सराहना करता हूं।”
‘यह जीत नहीं, नई जिम्मेदारी की शुरुआत’
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने कहा कि इसे अंतिम मंजिल नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार यह केवल एक शुरुआत है और संगठन को अभी लंबा सफर तय करना है।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने देशभर के युवाओं को एक मंच पर जोड़ने का काम किया है और भविष्य में भी CJP युवाओं से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा।
आलोचकों का भी जताया आभार
अपने वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने आलोचकों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आलोचनाओं से उन्हें अपनी कमियों को समझने और संगठन को बेहतर बनाने का अवसर मिला। उनके मुताबिक, यही सुझाव आंदोलन को सही दिशा देने में मददगार साबित हुए।
मई में हुई थी CJP की शुरुआत
CJP की शुरुआत मई 2026 में एक व्यंग्यात्मक पहल के रूप में हुई थी, जो बाद में छात्र आंदोलन का रूप ले गई। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की है। हालांकि, अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि CJP आगे भी युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।


