रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में धमतरी के ऐतिहासिक रुद्रेश्वर महादेव मंदिर के कायाकल्प के लिए 20 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी विकास योजना तैयार की गई है। इसके साथ ही सावन के पहले सोमवार को धमतरी की चित्रोत्पला महानदी के रुद्री घाट पर पहली बार काशी की तर्ज पर भव्य महानदी गंगा आरती का आयोजन किया गया।
108 दीपों की स्वर्णिम आभा, शंखनाद, वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की गूंज के बीच हुई इस ऐतिहासिक आरती ने पूरे रुद्री घाट को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। धमतरी युवा ब्रिगेड और रुद्रेश्वर महादेव परिवार के संयुक्त प्रयास से शुरू हुई यह परंपरा अब सावन के प्रत्येक सोमवार को आयोजित की जाएगी।
तीन चरणों में होगा रुद्रेश्वर धाम का कायाकल्प
प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्वारा तैयार मास्टर प्लान के तहत रुद्रेश्वर धाम को आधुनिक सुविधाओं से युक्त धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना में मंदिर की पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली को संरक्षित रखते हुए भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक शिखर, तोरण द्वार, दीप स्तंभ और विशाल नंदी प्रतिमा का निर्माण किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चौड़े पैदल मार्ग, विश्राम गृह, प्रसाद एवं स्मृति केंद्र, फूड कोर्ट, सुरक्षित घाट, डिजिटल सूचना प्रणाली और एआई आधारित हेल्थ कियोस्क की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा परिसर में उद्यान, सांस्कृतिक मंडप, रिवर फ्रंट कॉटेज, ओपन एयर स्टेज तथा भविष्य में मरीन ड्राइव की तर्ज पर आकर्षक नदी तट विकसित करने की भी योजना है।
पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग, ईवी चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी।
कार्यक्रम में विधायक ओंकार साहू, महापौर जगदीश रामू रोहरा, कलेक्टर, पूर्व विधायक रंजना साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। सरकार का मानना है कि महानदी गंगा आरती और रुद्रेश्वर धाम के समग्र विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा धमतरी की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।


