रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन की आधारशिला है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधिकरण, कृषि यंत्रीकरण, आधुनिक तकनीकों और कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
रायपुर में आयोजित ‘किसान और किसानी-प्रोत्साहन तथा परिणाम’ विषयक संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्यभर से आए प्रगतिशील किसानों को उत्कृष्ट खेती, नवाचार और कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया।
3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों से किए गए वादों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया है। छत्तीसगढ़ में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान की खरीदी की जा रही है। साथ ही, पूर्व में लंबित दो वर्षों के बोनस का भी भुगतान किया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले खरीफ विपणन सीजन में करीब 25 लाख किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली।
फसल विविधिकरण को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल धान आधारित खेती के बजाय किसानों को दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी जैसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी और लघु वनोपज आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
सिंचाई परियोजनाओं को नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में सिंचाई की अहम भूमिका है। राज्य सरकार नई सिंचाई परियोजनाओं, बैराज, एनीकट और नहर विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। किसानों को सोलर सिंचाई पंप, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों का लाभ भी दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव में लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से बैराज निर्माण, सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति तथा सिंचाई परियोजनाओं के पुनर्निर्माण और सुधार के लिए करीब 2800 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
आधुनिक खेती और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं ‘ड्रोन दीदी’ बनकर आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर रही हैं। वहीं, युवा भी आधुनिक खेती और कृषि आधारित उद्यमों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के तहत अब तक करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश संबंधी एमओयू किए जा चुके हैं। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और डाटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
बस्तर और अधोसंरचना विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद कमजोर होने के बाद बस्तर में विकास की नई धारा बह रही है। वहीं प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और रेल अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। 32 रेलवे स्टेशनों के उन्नयन, खरसिया-परमलकसा रेल लाइन और कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना जैसे कार्य विकास को नई गति देंगे।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज, नई दुनिया के संपादक सतीश चंद्र श्रीवास्तव, कृषि विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।


