बलौदाबाजार। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण को गति देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा और अधोसंरचना के कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में आयुक्त वीबी-जीरामजी एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तारण प्रकाश सिन्हा शुक्रवार को बलौदाबाजार पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
आयुक्त ने जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेमेतरा तथा जनपद पंचायत पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत सितदेवरी में विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हितग्राहियों और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली।
पीएम आवास हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत निर्मित आवासों का अवलोकन किया। आवास निर्माण पूरा कर चुके हितग्राहियों को उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से खुशियों की चाबी प्रदान की।
उन्होंने हितग्राहियों से आवास निर्माण की प्रक्रिया, प्राप्त सहायता, निर्माण की गुणवत्ता और योजना से उनके जीवन में आए बदलाव के संबंध में जानकारी ली।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जल सुरक्षा के कार्यों का भी किया निरीक्षण
आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा ने वीबी-जीरामजी के तहत जल सुरक्षा श्रेणी में निर्मित और प्रगतिरत कार्यों का भी विस्तृत निरीक्षण किया।
इस दौरान नवीन तालाब, अमृत सरोवर, सैंड फिल्टर आधारित बोरवेल रिचार्ज संरचना और चेक डैम निर्माण कार्यों की स्थल पर तकनीकी एवं उपयोगिता संबंधी समीक्षा की गई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इनका चयन स्थानीय आवश्यकता, कैचमेंट, जलधारण क्षमता और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों की जरूरतों के अनुसार हों विकास कार्य
आयुक्त ने कहा कि वीबी-जीरामजी का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायतों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, जल सुरक्षा को मजबूत करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना भी है।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत स्वीकृत प्रत्येक कार्य का प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण समुदाय को दिखाई देना चाहिए।
स्थल निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सहज और आत्मीय वातावरण में चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय आवश्यकताओं, रोजगार, आवास और विकास कार्यों को लेकर उनके अनुभव एवं सुझाव भी सुने।
उन्होंने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए ग्रामसभा से अनुमोदित कार्ययोजना के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर कार्य किए जाएं।
विभागीय समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर चर्चा
इसके बाद जिला पंचायत सभाकक्ष बलौदाबाजार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में वीबी-जीरामजी, पीएम आवास योजना-ग्रामीण सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
आयुक्त ने योजना के तहत स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता, श्रमिक नियोजन, तकनीकी मापदंडों के पालन और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड निरीक्षण को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए और प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।
जल संरक्षण से ग्रामीणों को मिलेगा स्थायी लाभ
आयुक्त ने जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से अधिकतम वर्षाजल संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में परिणामोन्मुखी कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा से जुड़े कार्यों की उपयोगिता लंबे समय तक ग्रामीण समुदाय को मिलनी चाहिए। इसके लिए निर्माण से पहले स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों का उचित आकलन जरूरी है।
निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित संबंधित जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी अमला और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


