रायपुर, 22 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए। पारंपरिक उल्लास और आत्मीय वातावरण में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने माताओं-बहनों से भेंट कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। माताओं-बहनों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
तीज पर्व को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कही ये बात
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीज का पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा हुआ है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना का अवसर है।
उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुखी, समृद्ध एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज पर्व भले ही संपन्न हो चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में माताओं-बहनों के बीच तीज मिलन का यह अवसर अत्यंत सुखद और आत्मीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में प्रदेशभर से आई बहनों के साथ तीज पर्व का उल्लास साझा करने का भी उल्लेख किया।
सनातन संस्कृति में मातृशक्ति को मिला है सर्वोच्च सम्मान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे वेदों, पुराणों और सामाजिक परंपराओं में नारी के सम्मान और उसकी गरिमा का संदेश निहित है।
उन्होंने कहा कि एक मां परिवार की पहली शिक्षक और संस्कारों की आधारशिला होती है। माताओं-बहनों के परिश्रम, त्याग और आशीर्वाद से परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से सशक्त समाज तथा समृद्ध प्रदेश का निर्माण होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का हितग्राही नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बराबर का सहभागी मानकर कार्य कर रही है।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी और परिवार की आवश्यकताओं के साथ बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे-छोटे स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने में मदद कर रहा है।
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त अगस्त 2026 में जारी किए जाने की पुष्टि पूर्व की रिपोर्टों में भी हुई थी।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि माताओं-बहनों को स्थायी आजीविका, कौशल और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना भी है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। हाल की रिपोर्टिंग में भी प्रदेश में 13.85 लाख से अधिक महिलाओं के लखपति दीदी बनने का उल्लेख है।
छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट लोककला, संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहां की सांस्कृतिक विरासत प्रदेश की पहचान और ताकत है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 650 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी तैयार की जा रही है। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार तथा प्रतिभा प्रदर्शन के नए अवसर तैयार होने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में कलाकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार कलाकारों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती रहेगी।
बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके 15 वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश में सड़क, बिजली, पेयजल और खाद्य सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में व्यापक कार्य हुए।
उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही हैं। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ विकसित भारत के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है और प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। गांवों तक आवास, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन का भी उन्होंने उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के कठिन समय का उल्लेख करते हुए देश में वैक्सीन विकास और अन्य देशों को दी गई सहायता की बात भी कही।
छत्तीसगढ़ में शांति और विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कही बात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के विरुद्ध महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले भय और हिंसा विकास की राह में बाधा थे, वहां शांति और विश्वास के साथ विकास के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ वन संपदा, वनोपज, खनिज संसाधनों और उपजाऊ कृषि भूमि से समृद्ध है। इन संसाधनों का जनहित में बेहतर उपयोग करते हुए प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार का संकल्प है।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने लोकगीत से किया अभिनंदन
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि तीज के अवसर पर माताओं-बहनों का अपने निवास पर अभिनंदन करना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति ने आयोजन को और विशेष बना दिया।
उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि जब वे आठवीं कक्षा में पढ़ते थे, तब पहली बार उनके गांव में बिजली पहुंची थी और गांव तक सड़क भी नहीं थी। उन्होंने वर्ष 2003 के बाद प्रदेश के गांवों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों के विस्तार का उल्लेख किया।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुत कर माताओं-बहनों का अभिनंदन किया।
लोक कला-संस्कृति के कलाकार हुए सम्मानित
समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलाकारों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने, संवर्धित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की भगवान गणेश की पूजा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर विराजित भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए प्रदेश की निरंतर प्रगति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
समारोह में छत्तीसगढ़ केश शिल्पी विकास बोर्ड के अध्यक्ष गौरी शंकर श्रीवास, चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, श्रीमती वीणा सिंह सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, कलाकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


