रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में श्मशान घाट पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की तस्वीर रखकर कथित तांत्रिक क्रिया किए जाने के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह कथित तांत्रिक गतिविधि चाकूबाजी मामले के पीड़ित परिवार को डराने और उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई थी। मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, चाकूबाजी के एक मामले में जेल में बंद आरोपी के भाई और उसके साथियों ने पीड़ित परिवार से जमानत में खर्च हुए एक लाख रुपये की मांग की थी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर परिवार को जान से मारने और कथित तांत्रिक क्रिया के जरिए नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। इसके साथ ही पीड़ित परिवार पर केस वापस लेने का दबाव भी बनाया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से एक व्यक्ति से संपर्क किया और उसे कथित तांत्रिक क्रिया के लिए बुलाया। पुलिस के अनुसार, श्मशान घाट से पहले पकड़ा गया व्यक्ति ही इस कथित गतिविधि में शामिल था। इसके बाद फरार तीन अन्य आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस को घटनास्थल से कई तस्वीरें भी मिली थीं। जांच में सामने आया कि इन तस्वीरों में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, चाकूबाजी मामले के आरोपी और शिकायतकर्ता से जुड़ी तस्वीरें शामिल थीं। पुलिस का मानना है कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल कथित तौर पर पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से डराने और उन पर दबाव बनाने के लिए किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धमकी देने और टोनही प्रताड़ना से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित तांत्रिक गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इस पूरी घटना के पीछे आरोपियों का उद्देश्य क्या था।


