रायपुर/धमतरी। जिले में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय, नगरी में बच्चों के अधिकार, सुरक्षा और संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त तत्वावधान में जिला प्रशासन के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा और बच्चों से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई।
बाल अधिकार और सुरक्षा पर युवाओं को किया जागरूक
कार्यक्रम में परियोजना समन्वयक ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और उनसे जुड़े कानूनों की सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी। युवाओं को बाल शोषण, साइबर अपराध, लैंगिक हिंसा, बाल श्रम, बाल विवाह और मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि बच्चों के साथ होने वाली हिंसा या शोषण की जानकारी मिलने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी शेयर न करने की सलाह
कार्यक्रम में डिजिटल सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सावधानी बरतने और अपनी निजी जानकारी, जरूरी दस्तावेज या संवेदनशील जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
युवाओं को साइबर अपराध से बचने के लिए ऑनलाइन गतिविधियों में सतर्क रहने और किसी संदिग्ध घटना की स्थिति में तत्काल मदद लेने के लिए कहा गया।
POCSO और बाल विवाह कानून की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रमुख कानूनों के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को POCSO एक्ट 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराया गया।
कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने का उद्देश्य युवाओं को बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े मामलों को समझने तथा जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाने के प्रति जागरूक करना रहा।
1098 और 112 हेल्पलाइन की जानकारी
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 के बारे में भी जानकारी दी गई। छत्तीसगढ़ शासन के नागरिक पोर्टल पर भी चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को बाल सहायता के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
विद्यार्थियों से अपील की गई कि यदि उन्हें किसी बच्चे के साथ हिंसा, शोषण या किसी अन्य तरह की परेशानी की जानकारी मिलती है, तो चुप न रहें और तत्काल संबंधित सहायता व्यवस्था या अधिकारियों को सूचना दें।
नशे के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा
कार्यक्रम में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में बताया गया।
युवाओं को नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
ये अधिकारी और पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर, जिला महिला संरक्षण अधिकारी, मिशन शक्ति समन्वयक, महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।


