रायपुर। बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने डॉ. खूबचंद बघेल और स्वामी आत्मानंद महाराज जैसी महान विभूतियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में लाखों लोग जन्म लेते हैं, लेकिन अमर वही होते हैं जो अपने सत्कर्मों से समाज का निर्माण करते हैं और इतिहास रचते हैं।
इस अवसर पर मंत्री टंकराम वर्मा ने 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। छत्तीसगढ़ निर्माण की पृष्ठभूमि का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना देखा गया था और निरंतर प्रयासों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने इस सपने को साकार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ का निर्माण होने के बाद प्रदेश ने विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और राजस्व का उपयोग प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए किया जा रहा है।
सामाजिक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि कभी पूरी तरह कृषि पर आधारित हमारा समाज अब व्यवसाय, व्यापार और नौकरी के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ा है। लोगों के रहन-सहन का स्तर बदला है। जिन लोगों के पास कभी साइकिल तक नहीं थी, वे आज दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ हवाई यात्रा तक कर रहे हैं। गांव-गांव में पांच से दस किलोमीटर के दायरे में स्कूल, हायर सेकेंडरी विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा लोगों की क्रय शक्ति में भी वृद्धि हुई है।
मंत्री ने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी जरूरी है। आधुनिकता के दौर में गांव-घर का पारस्परिक प्रेम और पारिवारिक मर्यादाएं प्रभावित हो रही हैं। इसलिए विकास के साथ अपनी प्राचीन संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि संस्कारों के बिना जीवन अधूरा है और हमें ऐसा समाज बनाना होगा, जहां आपसी प्रेम, भाईचारा, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की भावना हमेशा जीवंत रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक धरमलाल कौशिक ने वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन और जीवन के अनुभवों की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का जीवन अनुभवों से भरा होता है। उनके अनुभवों से सीखकर, समझकर और अध्ययन के माध्यम से संगठन एवं समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
धरमलाल कौशिक ने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ के निर्माण के बाद से प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। दूर-दराज के क्षेत्रों तक भौतिक साधनों और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ने से आम नागरिकों का जीवन पहले की तुलना में अधिक सुगम हुआ है।
ग्राम कड़ार में आयोजित इस भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सरपंच ब्रजेश दुबे, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


