रायपुर। महिला सशक्तिकरण और नौनिहालों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से विभाग के अंतर्गत पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) के 50 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती को आधिकारिक सहमति प्रदान कर दी गई है।
मैदानी स्तर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं, विशेषकर आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन, पोषण अभियानों की निगरानी और विभिन्न सामाजिक पहलों के क्रियान्वयन में पर्यवेक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। लंबे समय से इन पदों के रिक्त होने के कारण मैदानी स्तर पर कार्य का दबाव बना हुआ था।
इन 50 नए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से विभागीय ढांचे को मजबूती मिलेगी और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे हितग्राहियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे आंगनबाड़ी व्यवस्था की निगरानी और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुधार आने की उम्मीद है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस स्वीकृति पर कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व के चलते विभाग को यह महत्वपूर्ण स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों की कमी के कारण जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग में जो चुनौतियां आ रही थीं, वे अब दूर होंगी। सरकार माताओं और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। नई नियुक्तियों से विभाग की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार आएगा और आंगनबाड़ी व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।
जानकारी के अनुसार, संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से रिक्त पदों की पूर्ति के लिए शासन से अनुमति मांगी गई थी। विभागीय मंत्री के निर्देश पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई गई। इसके बाद 13 अगस्त 2026 को वित्त विभाग ने 50 पर्यवेक्षक पदों पर भर्ती के लिए विधिवत सहमति जारी कर दी। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से भी आवश्यक आदेश जारी किए जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।
इस बहुप्रतीक्षित फैसले से विभागीय कामकाज को गति मिलने के साथ प्रदेश की योग्य युवतियों और महिलाओं को शासकीय सेवा में आने का अवसर भी मिलेगा। 50 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से मैदानी स्तर पर योजनाओं की निगरानी मजबूत होने और महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


