छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने युवाओं को रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार से जोड़ने के साथ प्रदेश के निर्यात को बढ़ावा देने, कौशल प्रशिक्षण का विस्तार करने और सरकारी कर्मचारियों को नई सेवाओं में अवसर देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी देते हुए आगामी पांच वर्षों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30, नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना और सरकारी एवं संबद्ध कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
1. मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन को मंजूरी
प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन को मंजूरी दी गई है। मिशन के लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके तहत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।
मिशन का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि जॉब-क्रिएटर बनाना है।
2. निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है।
नीति के तहत मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के साथ निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच और व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
3. नवा रायपुर में बनेगा NSTI
नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं होंगी। दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 और अल्पकालिक कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी।
इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
4. सरकारी कर्मचारियों के लिए आयु सीमा में बड़ी राहत
मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के स्थायी एवं अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को बड़ी राहत दी है।
इन कर्मचारियों के लिए अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस निर्णय से पात्र कर्मचारियों को उच्च पदों और अन्य शासकीय सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
5. दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन का रास्ता साफ
मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके बदले भिलाई इस्पात संयंत्र को ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है।
इस फैसले से दुर्ग में आधुनिक और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा तथा न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।


