विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य पर काम कर रही सरकार
रायपुर, 18 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा आयोजित ‘विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दिया है। इस संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पास उच्च गुणवत्ता के बहुमूल्य खनिज, बिजली और कुशल कार्यबल जैसे संसाधन हैं। विकसित भारत 2047 के अनुरूप राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किए गए हैं और तय लक्ष्यों पर मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है।
2030 तक 45 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में स्टील की अहम भूमिका होगी। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़ देश के लगभग 20 प्रतिशत स्टील उत्पादन में योगदान देता है। चिनाब नदी पर बने देश के सबसे ऊंचे पुल में भी छत्तीसगढ़ का स्टील इस्तेमाल हुआ है।
उन्होंने बताया कि राज्य ने वर्ष 2030 तक स्टील उत्पादन 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्टील निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत प्रयास किए जा रहे हैं।
बिजली उत्पादन क्षमता 60 हजार मेगावाट करने की तैयारी
CM साय ने कहा कि विकसित भारत के विकास को गति देने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होगी। छत्तीसगढ़ देश के लगभग 20 प्रतिशत कोयले का उत्पादन करता है और वर्तमान में राज्य में करीब 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है।
उन्होंने बताया कि राज्य में आयोजित एनर्जी समिट में लगभग ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिन पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में बिजली उत्पादन क्षमता को 60 हजार मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
नई औद्योगिक नीति से निवेश को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का कोर सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके पीछे नई औद्योगिक नीति की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार निवेशकों को पूंजी निवेश, ब्याज और तकनीक खरीदने पर सब्सिडी सहित विभिन्न प्रोत्साहन दे रही है। स्टांप ड्यूटी में छूट भी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि पावर, आईटी, स्टील, टेक्सटाइल, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। नई उद्योग नीति के तहत अब तक ₹8 लाख 23 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
बस्तर को पर्यटन और संस्कृति से मिले नई पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक माओवाद और हिंसा से जुड़ी खबरों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा। अब क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की दिशा में मिली सफलता के साथ विकास और पर्यटन की नई संभावनाएं उभर रही हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और जैव विविधता से भरपूर है। सड़क, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से यहां पर्यटन के नए अवसर बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से अपील की कि बस्तर की वास्तविक खूबसूरती, संस्कृति और विकास की सकारात्मक कहानियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर को उसकी प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास के लिए पहचाना जाना चाहिए।
पर्यटन से स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
CM साय ने कहा कि पर्यटन केवल किसी क्षेत्र की पहचान बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आधार भी है। बस्तर में पर्यटन बढ़ने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और गाइड सेवाओं जैसे क्षेत्रों में रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को लाभ मिल सकता है। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और स्थानीय उत्पादों को भी बड़े बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास को स्थायी स्वरूप देने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रयास है कि देश-दुनिया के पर्यटक निर्भय होकर बस्तर आएं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता व संस्कृति को करीब से जानें।
लॉजिस्टिक्स और भौगोलिक स्थिति से निवेश की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य भारत में छत्तीसगढ़ की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, 3,500 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग और तेजी से विकसित हो रहा रेल नेटवर्क इसे लॉजिस्टिक्स के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य से देश के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति की अच्छी संभावनाएं हैं और इसके लिए लॉजिस्टिक्स नीति भी तैयार की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और बुनियादी अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है।
कॉन्क्लेव में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


