गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 25 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ग्रामीण जीवनशैली, लोक संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है। पर्यटन के बदलते स्वरूप में पर्यटक अब केवल बड़े शहरों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांवों की संस्कृति, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन को करीब से अनुभव करने में भी रुचि ले रहे हैं। जिले के लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन से पहुंचे पर्यटकों का प्रवास इसी बदलते पर्यटन परिदृश्य की झलक पेश करता है।
ब्रिटिश पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत
ब्रिटेन से आए फ्रैंक रोजर मार्सटन और जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन के लमना गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक आत्मीयता के साथ तिलक लगाकर और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच स्वागत किया। विदेशी अतिथियों ने भी ग्रामीणों के इस स्वागत का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ सहजता से घुल-मिलकर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति को करीब से जाना।
लमना विलेज स्टे में उनका अनुभव केवल ठहरने तक सीमित नहीं रहा। अतिथियों को गांव की गलियों, खेत-खलिहानों, पारंपरिक परिवेश और स्थानीय जीवन से परिचित कराने के लिए विलेज वॉक कराया गया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद किया और गांव के सहज वातावरण को करीब से महसूस किया।
ग्रामीण हाट बना खास आकर्षण
लमना प्रवास के दौरान स्थानीय ग्रामीण हाट विदेशी मेहमानों के लिए खास आकर्षण रहा। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मिट्टी के बर्तन, बांस से बने सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, स्थानीय खाद्य सामग्री, सब्जियों और अन्य ग्रामीण उत्पादों को करीब से देखा।
ग्रामीण बाजार की चहल-पहल, स्थानीय उत्पादों की विविधता और लोगों के सहज व्यवहार ने ब्रिटिश पर्यटकों को भारतीय गांव के दैनिक जीवन का अनुभव कराया।
ग्रामीण जीवन से सीधे जुड़ने का अनुभव
लमना विलेज स्टे की खासियत यह है कि यहां पर्यटकों को केवल किसी स्थान को देखने के बजाय स्थानीय जीवन और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। ब्रिटिश अतिथियों ने ग्रामीण परिवेश में समय बिताया, स्थानीय लोगों के साथ बातचीत की और पारंपरिक ग्रामीण वातावरण को करीब से जाना।
गांव की सादगी, प्राकृतिक परिवेश और ग्रामीणों की आत्मीयता ने उनके प्रवास को अलग अनुभव दिया।
छत्तीसगढ़ पर्यटन में जुड़ रहा नया अध्याय
छत्तीसगढ़ में पर्यटन अब प्राकृतिक और दर्शनीय स्थलों से आगे बढ़कर अनुभव आधारित पर्यटन (Experiential Tourism) की दिशा में भी विस्तार कर रहा है। प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और ग्रामीण जीवन को पर्यटन से जोड़ने से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर विकसित होने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
लमना विलेज स्टे इसी तरह के ग्रामीण पर्यटन अनुभव का उदाहरण है, जहां पर्यटक स्थानीय परिवेश और समुदाय के साथ सीधे जुड़ सकते हैं।
प्रकृति, संस्कृति और ग्रामीण आतिथ्य का संगम है लमना
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मैकल पर्वत श्रृंखला, जंगल, जलप्रपात, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन की विविध संभावनाएं मौजूद हैं। शिवघाट मनौरा, जलेश्वर धाम, लक्ष्मणधारा, झोजा जलप्रपात और धनपुर सहित कई स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं।
लमना जैसे ग्रामीण पर्यटन केंद्र प्रकृति और स्थानीय जीवन को एक साथ अनुभव करने का अवसर प्रदान करते हैं।
विदेशी मेहमानों के लिए यादगार बना छत्तीसगढ़ का अपनापन
लमना प्रवास के दौरान फ्रैंक रोजर मार्सटन और जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन ने ग्रामीणों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, बच्चों से बातचीत की और स्थानीय परिवारों के साथ समय बिताया। ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के साथ भी उन्होंने आत्मीय संवाद किया।
विदेशी पर्यटकों का गांवों तक पहुंचना छत्तीसगढ़ में ग्रामीण और अनुभव आधारित पर्यटन की संभावनाओं को रेखांकित करता है। ऐसे पर्यटन मॉडल से स्थानीय परिवारों, छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्पकारों, ग्रामीण बाजारों, स्थानीय गाइडों और होमस्टे संचालकों के लिए आय एवं रोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं।
लमना में ब्रिटेन के मेहमानों का यह प्रवास प्रकृति, संस्कृति, ग्रामीण जीवन और आतिथ्य को एक साथ अनुभव करने वाली छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं की झलक पेश करता है।


