रायपुर, 27 सितंबर 2026। सेवा, संवेदना और जनसहभागिता की भावना को साकार करते हुए धमतरी जिले के 86 आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस पहल का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
जिले के मगरलोड, कुरूद, धमतरी शहरी, धमतरी ग्रामीण और नगरी क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। आयोजन के दौरान बच्चों की गतिविधियों, महिलाओं की भागीदारी और मैदानी कार्यकर्ताओं के प्रयासों का समन्वय देखने को मिला।
4,173 लोगों ने दर्ज कराई सहभागिता
जिलेभर में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 4,173 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 541 बच्चे, 1,028 महिलाएं और 1,930 पुरुष शामिल रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों की मौजूदगी ने कार्यक्रम में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाया।
बच्चों के लिए खेल और रचनात्मक गतिविधियां
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेल आधारित और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों को सीखने के साथ मनोरंजन का अवसर मिला और अभिभावकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के महत्व की जानकारी दी गई।
इसके अलावा उपस्थित लोगों को गुणवत्तापूर्ण पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में परिवार और समाज की भूमिका के बारे में जागरूक किया गया।
राज्य में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को माताओं, बच्चों और समुदाय से जोड़ने तथा पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों को उनके निरंतर योगदान और सेवाभाव के लिए सम्मानित किया गया। इससे मैदानी स्तर पर सेवाएं दे रहे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा।
‘आंगन मिलन सेवा’ का व्यापक उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ना और पोषण, स्वास्थ्य तथा बच्चों के प्रारंभिक विकास से जुड़े विषयों पर लोगों की भागीदारी बढ़ाना है। राज्यभर में यह आयोजन चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
धमतरी जिले में आयोजित यह कार्यक्रम इस दिशा में सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण बना, जहां बच्चों, महिलाओं, पुरुषों, जनप्रतिनिधियों और मैदानी कार्यकर्ताओं ने मिलकर आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को व्यापक बनाने में भागीदारी की।


