रायपुर, 29 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के माध्यम से प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनसेवाओं की राज्य स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली और निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी और लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
एग्रीस्टैक में हर पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक को केवल धान खरीदी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण व्यवस्था है।
उन्होंने कलेक्टरों को विशेष अभियान चलाकर एग्रीस्टैक और डीसीएस से संबंधित लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी वास्तविक और पात्र किसान को धान विक्रय अथवा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण की जिलेवार प्रगति की भी समीक्षा की और अपेक्षाकृत पीछे चल रहे जिलों को निर्धारित समय-सीमा में सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक जल्द पहुंचाई जाए राहत
बैठक में प्रदेश में हाल में हुई भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि भारी बारिश से 17 जिलों के 500 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं तथा बस्तर संभाग के जिलों पर अधिक प्रभाव पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को जनहानि, मकान, पशुधन, अनाज और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का सर्वे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र प्रभावित परिवारों तक राहत और सहायता राशि समय पर पहुंचाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने राहत एवं स्वास्थ्य शिविरों के सुचारू संचालन के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने हैंडपंपों के क्लोरीनीकरण और लोगों को पानी उबालकर पीने के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़क, पुल-पुलिया और अन्य सार्वजनिक अधोसंरचना का आकलन कर उसकी जानकारी शासन को तत्काल भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि मरम्मत और पुनर्निर्माण की कार्रवाई शुरू की जा सके।
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर्स की संख्या बढ़ाने, सोलर दीदियों को प्रोत्साहित करने और हितग्राहियों के लिए ऋण सुविधा को आसान बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि बैंकिंग सुविधा, वेंडर चयन और सोलर संयंत्र स्थापना तक पूरी प्रक्रिया को हितग्राहियों के लिए सरल, पारदर्शी और तेज बनाया जाए।
छत्तीसगढ़ सरकार की पूर्व प्रकाशित सामग्री में भी पीएम सूर्य घर योजना को घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
सड़क, पुल-पुलियों के लंबित काम तत्काल पूरे करने के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोक निर्माण विभाग की सड़क, पुल और पुलिया परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों की बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी मामलों और जिला स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं का शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि स्वीकृत विकास कार्य प्रशासनिक कारणों से अनावश्यक रूप से लंबित न रहें।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों और प्रमुख मार्गों से जोड़ने वाली स्वीकृत सड़कों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। वन विभाग अथवा अन्य विभागों से जुड़ी अनुमति संबंधी बाधाओं को अंतर्विभागीय समन्वय से दूर करने को कहा गया।
ग्राम पंचायतों में बुनियादी अधोसंरचना को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने विकसित भारत जी-रामजी योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने ग्राम पंचायतों में आवश्यक आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने तथा स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना मजबूत होने से नागरिक सुविधाओं के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सेवा सेतु और CM हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सेवा सेतु और CM हेल्पलाइन से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़ की आधिकारिक CM हेल्पलाइन व्यवस्था नागरिकों को शिकायत दर्ज करने, उसकी स्थिति देखने और विभागीय निराकरण की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा देती है। आधिकारिक पोर्टल पर CM हेल्पलाइन का टोल-फ्री नंबर 1076 दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को छोटी-छोटी सेवाओं और समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।
हर महीने के अंतिम मंगलवार को होगी पारस पोर्टल से समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनसेवाओं की राज्य स्तरीय समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पारस पोर्टल का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति देखना नहीं, बल्कि परियोजनाओं में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। राज्य स्तर से लेकर जिलों तक अधिकारी इसे परिणाम आधारित प्रशासन के प्रभावी माध्यम के रूप में उपयोग करें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका परिणाम धरातल पर दिखाई दे। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और स्वीकृत विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे हों।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


