छत्तीसगढ़ के 85 नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की खोज पर फोकस; फीडर सेंटर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक विकसित होगा प्रशिक्षण तंत्र
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। गांवों, जनजातीय क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों में मौजूद प्रतिभाओं को सही समय पर पहचान, बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित व्यवस्था तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन का उद्देश्य गांव के खेल मैदान से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का स्पष्ट मार्ग तैयार करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्ययोजना में प्रतिभा की पहचान से लेकर खिलाड़ी के उच्च प्रदर्शन स्तर तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया शामिल हो।
गांवों और दूरस्थ अंचलों में खेल प्रतिभाओं की खोज
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि खेल प्रतिभाओं की तलाश केवल बड़े शहरों और स्थापित खेल अकादमियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। ग्रामीण, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में भी अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, जिन्हें अवसर और व्यवस्थित प्रशिक्षण मिलने पर आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।
उन्होंने तीरंदाजी, कबड्डी सहित विभिन्न खेलों में ग्रामीण और जनजातीय युवाओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिभाओं को कम उम्र में चिन्हित कर वैज्ञानिक प्रशिक्षण से जोड़ना जरूरी है। कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी केवल संसाधनों या अवसरों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी यादव और संजू देवी जैसी खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता है।
स्कूल स्तर से मजबूत होगी खेल संस्कृति
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में नियमित खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और व्यायाम शिक्षकों की भूमिका को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने में भी मदद करते हैं।
स्कूल स्तर पर प्रतिभा की पहचान होने से योग्य बच्चों को समय रहते विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। इससे उन्हें भविष्य में खेलों को करियर के रूप में अपनाने के अवसर भी मिलेंगे।
फीडर सेंटर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक प्रशिक्षण व्यवस्था
बैठक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हॉकी, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन, तैराकी, बैडमिंटन, जूडो और कबड्डी सहित प्राथमिकता वाले खेलों के विकास की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
मिशन के अंतर्गत फीडर सेंटर, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र और उत्कृष्टता केंद्र विकसित करने की प्रस्तावित व्यवस्था की समीक्षा की गई। फीडर सेंटरों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे खेल अकादमियों और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने चयनित खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, प्रदर्शन और प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि उनकी जरूरतों का आकलन कर उन्हें अगले स्तर तक पहुंचने के अवसर मिल सकें।
प्रशिक्षित कोच और स्पोर्ट्स साइंस पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने खेलवार प्रशिक्षित और योग्य कोचों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में जिस खेल की संभावनाएं अधिक हैं, वहां उसी के अनुरूप विशेषज्ञ प्रशिक्षक और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
बैठक में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक सहयोग, फिटनेस, चोटों से बचाव और पुनर्वास जैसी सुविधाओं को प्रशिक्षण व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धा में तकनीक और खेल विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को भी आधुनिक प्रशिक्षण और स्पोर्ट्स साइंस सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।
बिलासपुर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की क्षमता बढ़ाने की योजना
बैठक में बिलासपुर स्थित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर के विस्तार की योजना की भी समीक्षा की गई। यहां आवासीय खिलाड़ियों की वर्तमान क्षमता 165 से बढ़ाकर 300 करने और संचालित खेल विधाओं का विस्तार करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उपलब्ध स्टेडियमों, खेल मैदानों और प्रशिक्षण केंद्रों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित रखरखाव और जरूरत के अनुसार खेल अधोसंरचनाओं के उन्नयन पर भी जोर दिया।
टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी से मिलेगा प्रतिस्पर्धा का मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के साथ नियमित प्रतियोगिताओं में भागीदारी भी जरूरी है। प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन का आकलन करने और बड़े मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर मिलता है।
बैठक में टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी के माध्यम से विकासखंड, जिला और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित करने की प्रस्तावित व्यवस्था पर चर्चा की गई। इसके जरिए दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल सकेगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और आगे की प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला खिलाड़ियों और दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, आवश्यक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।
बैठक में महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर, पैरा स्पोर्ट्स के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
अगले पांच वर्षों के लिए बनेगी कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों की स्पष्ट, परिणामोन्मुख और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में मिशन के विभिन्न घटकों के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों का विकास किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है। सभी संबंधित विभागों को मिलकर मजबूत खेल संस्कृति और खिलाड़ियों के अनुकूल वातावरण तैयार करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल खेल सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम विकसित करना है, जिसमें प्रतिभा की पहचान, प्रशिक्षण, पोषण, खेल विज्ञान, प्रतियोगिता और उच्चस्तरीय प्रदर्शन तक खिलाड़ियों को जरूरी सहयोग मिल सके।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


