रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में महानदी के तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से महाआरती कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना की। दीपों की जगमगाहट और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी केवल छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी नदी नहीं, बल्कि प्रदेश की आस्था, संस्कृति और सभ्यता की जीवनधारा है। सदियों से यह नदी प्रदेश की कृषि, अर्थव्यवस्था और जनजीवन को संबल देती रही है। उन्होंने कहा कि नदियों के प्रति हमारी श्रद्धा तभी सार्थक होगी, जब हम उनके संरक्षण, स्वच्छता और संवर्धन को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानेंगे।
जल संरक्षण को जनभागीदारी से बनाएं जनआंदोलन: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जल है तो कल है। आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण करना सभी का दायित्व है। उन्होंने वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजने और जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने गांवों और शहरों में वर्षा जल संचय की व्यवस्था विकसित करने के साथ सोकपिट निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और भूजल पुनर्भरण जैसे उपाय अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तालाब, कुएं, नदियां और अन्य परंपरागत जल स्रोत हमारी प्राकृतिक संपदा होने के साथ सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
साय ने कहा कि जल स्रोतों को स्वच्छ रखना और पानी के अनावश्यक उपयोग को रोकना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों से ही जल संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान से मिल रही प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित जल संचय-जनभागीदारी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी प्रत्येक गांव, नगर और परिवार को इस अभियान से जोड़कर जल संचय की संस्कृति को मजबूत करना होगा। शासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से भूजल स्तर में सुधार तथा भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
शिवरीनारायण की धार्मिक पहचान को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति से जुड़ी शिवरीनारायण नगरी छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रम हमारी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिवरीनारायण जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए प्रयासरत है।
तोखन साहू और ओ.पी. चौधरी ने भी की जल संरक्षण की अपील
कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने नदियों को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त रखने की अपील की। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शिवरीनारायण की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पावन नगरी की पहचान को और व्यापक बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या देवी साय, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, नारायण चंदेल, महंत रामसुंदर दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


