कबीरधाम, छत्तीसगढ़। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मकान बनाने के नाम पर बैगा जनजाति के नौ हितग्राहियों से कथित तौर पर 5.09 लाख रुपये लेने और आवास निर्माण पूरा नहीं करने के मामले में कबीरधाम जिले में दो ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ये मामले बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत राजाढ़ार और आमानारा से जुड़े हैं। शिकायतों के अनुसार, हितग्राहियों से पैसे लेने के बावजूद मकान नहीं बनाए गए और राशि भी वापस नहीं की गई।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि गरीबों के आवास के लिए निर्धारित राशि में गड़बड़ी और हितग्राहियों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायतों के आधार पर कार्रवाई शुरू की है। आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
कबीरधाम में दो अलग-अलग मामलों में FIR दर्ज
बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत राजाढ़ार में पांच हितग्राहियों से आवास निर्माण के नाम पर 3 लाख 20 हजार रुपये लेने का आरोप है। इस मामले में ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ 14 अक्टूबर 2026 को चिल्फी थाने में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
शिकायत के मुताबिक, हितग्राहियों ने मकान बनवाने के लिए राशि दी थी, लेकिन करीब डेढ़ साल बीतने के बाद भी उनके आवास तैयार नहीं हुए। आरोप है कि राशि वापस भी नहीं की गई। इसके बाद हितग्राहियों ने लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
राजाढ़ार के पांच हितग्राहियों से 3.20 लाख रुपये लेने का आरोप
शिकायत में पांच हितग्राहियों से कथित तौर पर ली गई राशि का विवरण इस प्रकार है:
- देवसिंह — 60,000 रुपये
- मंधोर बाई — 60,000 रुपये
- पुसीया बाई — 60,000 रुपये
- कौशिल्या बाई — 80,000 रुपये
- ननकी बाई — 60,000 रुपये
इन पांच हितग्राहियों से कुल 3 लाख 20 हजार रुपये लेने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, राशि लेने के बावजूद आवास निर्माण नहीं कराया गया।
आमानारा के चार हितग्राहियों की शिकायत पर भी कार्रवाई
बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत आमानारा में भी प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मकान बनाने के नाम पर चार हितग्राहियों से पैसे लेने की शिकायत सामने आई है। इस मामले में ठेकेदार तुमेश गोड़ के खिलाफ 13 अक्टूबर 2026 को तरेगांव जंगल थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
शिकायत के अनुसार, कथित तौर पर ली गई राशि का विवरण इस प्रकार है:
- बैसाखू बैगा — 64,000 रुपये
- सुकोर बाई — 60,000 रुपये
- सोनिया बाई — 45,000 रुपये
- रनो बाई — 20,000 रुपये
इन चार हितग्राहियों से कुल 1 लाख 89 हजार रुपये लेने का आरोप है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में तरेगांव जंगल थाने में अपराध क्रमांक 420 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
दोनों मामलों को मिलाकर नौ हितग्राहियों से कुल 5 लाख 9 हजार रुपये लेने की शिकायत सामने आई है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों से संबंधित तथ्य स्पष्ट होंगे।
विजय शर्मा बोले—गरीबों के हक की राशि में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। आवास निर्माण के लिए स्वीकृत राशि पर हितग्राहियों का अधिकार है और इसका दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ वन क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे परिवारों को आवास के नाम पर परेशान करना या उनकी राशि का गलत इस्तेमाल करना गंभीर मामला है।
उप मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास मिले और निर्माण कार्यों में अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
क्या है प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना?
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के पात्र परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर ध्यान दिया जाता है। इसके अंतर्गत आवास उपलब्ध कराना भी एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
कबीरधाम में सामने आई शिकायतों ने आवास निर्माण की निगरानी और हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर दिलाने की जरूरत को रेखांकित किया है। संबंधित शिकायतों की जांच के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और आवास निर्माण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
महत्वपूर्ण: दोनों ठेकेदारों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं। एफआईआर दर्ज होना अपने आप में आरोप सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।


