रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का शौर्य, त्याग और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। सुरक्षा बलों के साहस और अमर शहीदों के बलिदान से बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की नई राह खुली है।
मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर में द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर द्वारा आयोजित ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों का सम्मान किया।
मुख्यमंत्री साय ने शहीद परिवारों के प्रति जताई कृतज्ञता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद परिवारों के प्रति संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी अपने को खोने की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। एक जवान के शहीद होने पर मां अपना बेटा, पत्नी अपना जीवनसाथी और बच्चे अपने पिता का साया खो देते हैं। इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पूरा छत्तीसगढ़ अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।
उन्होंने कहा कि शहीद जवान केवल अपने परिवार के सदस्य नहीं थे, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और राष्ट्र का गौरव हैं। उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्श आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
शहीद परिवारों के सुख-दुख में साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के परिवारों की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ उनके सुख-दुख में सहभागी है और आगे भी हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार केवल सहायता के पात्र नहीं, बल्कि हमारे अपने परिवार हैं। उनका सम्मान और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति और बेहतर समन्वय के साथ अभियान चलाया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सहित अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों के जवानों के पराक्रम पर पूरे प्रदेश को गर्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन से बस्तर में स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
चार दशकों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। हालांकि, लंबे समय तक नक्सली हिंसा के कारण इस क्षेत्र के हजारों परिवार प्रभावित हुए। बच्चों का बचपन भय और असुरक्षा के बीच गुजरा तथा दूरस्थ इलाकों में लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी सुरक्षा बलों के जवान बस्तरवासियों की सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहे। अनेक जवान कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए, लेकिन उनका बलिदान उनके साथियों के संकल्प को और मजबूत करता रहा।
‘नियद नेल्लानार’ योजना से गांवों तक पहुंच रहा विकास
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान से स्थापित हो रही शांति के साथ बस्तर में विकास और खुशहाली के नए द्वार खुल रहे हैं। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का वातावरण था, वहां अब सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ और लंबे समय तक विकास से वंचित गांवों तक जनकल्याणकारी योजनाएं तथा मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। सरकार का संकल्प है कि बस्तर का कोई भी गांव या परिवार विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के बच्चों को शिक्षा में आगे बढ़ने, युवाओं को खेल, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है, जबकि बस्तर पंडुम जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को नई पहचान दे रहा है।
शहीदों के सपनों का विकसित बस्तर बनाना सामूहिक जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में दिखाई दे रहे सकारात्मक बदलाव की नींव शहीद जवानों के त्याग और बलिदान पर टिकी है। उन्होंने केवल वर्तमान की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित बस्तर का निर्माण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस शांति के लिए जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, वह स्थायी बने और विकास का लाभ बस्तर के प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को वीर जवानों के जीवन, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराना आवश्यक है। उनका जीवन युवाओं में देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की भावना जागृत करता रहेगा।
द हिन्दू फाउंडेशन की पहल की मुख्यमंत्री साय ने की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करने की यह पहल समाज को प्रेरणा देती है। फाउंडेशन द्वारा देशभर में यात्रा कर 800 से अधिक शहीद परिवारों तक पहुंचने का प्रयास उनके प्रति समाज की कृतज्ञता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शौर्यांजलि’ केवल अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करने और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी अवसर है।
उन्होंने सभी अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि वीर जवानों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। बस्तर में शांति की नई सुबह को विकास और खुशहाली के उजाले में बदलना ही अमर शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर के संयोजक संदीप गुप्ता, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र सिंह दीवान, शहीद परिवारों के सदस्य, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


