रायपुर, 29 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल माध्यम से सरगुजा अंचल में आयोजित जनजातीय समाज के महान जननायक, प्रख्यात अभियंता और पूर्व सांसद बाबा कार्तिक उरांव की जयंती समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बाबा कार्तिक उरांव की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया और शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, डिगमा, अंबिकापुर का नाम बदलकर ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अंबिकापुर’ करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का जीवन शिक्षा, संघर्ष, सामाजिक चेतना और जनजातीय समाज के स्वाभिमान की प्रेरक गाथा है। उन्होंने अपना जीवन जनजातीय समुदाय के अधिकारों, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने और समाज तथा राष्ट्र की सेवा करने की प्रेरणा देते रहेंगे।
इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम बाबा कार्तिक उरांव के नाम पर रखने की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव उच्च शिक्षित अभियंता और दूरदर्शी विचारक थे। उन्होंने शिक्षा को व्यक्तिगत उन्नति के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बनाया। उनका विश्वास था कि शिक्षा, संगठन और जागरूकता से ही समाज अपने अधिकारों की रक्षा करते हुए विकास की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय समाज और क्षेत्रीय सांसद की ओर से शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, डिगमा, अंबिकापुर का नाम बाबा कार्तिक उरांव के नाम पर रखने का आग्रह किया गया था। राज्य सरकार ने जनजातीय समाज की भावनाओं और उनके ऐतिहासिक योगदान का सम्मान करते हुए इस आग्रह को स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा कि इस संस्थान का नया नाम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यहाँ अध्ययन करने वाले युवा बाबा कार्तिक उरांव के संघर्ष, शैक्षणिक उपलब्धियों और समाज के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेकर तकनीकी शिक्षा के माध्यम से प्रदेश और देश के विकास में योगदान दे सकेंगे।
जनजातीय समाज के अधिकारों के लिए संसद में उठाई आवाज
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने लोकसभा सांसद के रूप में जनजातीय समाज की समस्याओं और अधिकारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से उठाया। उन्होंने संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक हितों और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक शिक्षा तथा तकनीकी विकास से जुड़ने के पक्षधर थे। उनके विचार आज भी जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास की दिशा में मार्गदर्शन देते हैं।
सीतापुर को ₹28 करोड़ से अधिक की फोरलेन सड़क की सौगात
मुख्यमंत्री ने सीतापुर क्षेत्र में सोनतराई से सूर तक लगभग 3.82 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। इस परियोजना पर ₹28 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण से सीतापुर नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम एवं सुरक्षित होगा। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे नगरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को भी बेहतर आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध हों।
पुलिस आवासीय भवनों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा निर्मित महिला एनजीओ मेस भवन तथा पुलिस आवासीय भवनों का लोकार्पण किया।
इनमें उदयपुर में 12 अराजपत्रित अधिकारी आवास और 12 प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक आवास तथा थाना सीतापुर में 12 प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक आवासीय भवन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारी और जवान कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा से अपने दायित्व निभाते हैं। उन्हें बेहतर आवासीय सुविधाएँ और कार्य वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इन भवनों से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को सुविधाजनक आवासीय वातावरण मिलेगा।
जनजातीय महापुरुषों की विरासत को सहेजने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने बाबा कार्तिक उरांव की प्रतिमा के अनावरण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जनजातीय महापुरुषों की प्रतिमाएँ केवल स्मृति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि उनके विचारों, आदर्शों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम भी हैं।
उन्होंने इस कार्य के लिए अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों और नगरवासियों के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के महानायकों की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने और उनके योगदान से युवाओं को परिचित कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने सरगुजा अंचल के प्रसिद्ध जनजातीय नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय काका लरंग साय का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे जननायकों का जीवन जनसेवा, सामाजिक उत्थान और जनजातीय समाज के सशक्तीकरण की प्रेरणा देता है।
नक्सलवाद के विरुद्ध सफलता से बस्तर में विकास की नई संभावनाएँ
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता से बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया वातावरण बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प और सुरक्षाबलों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि अब दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएँ बढ़ी हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के प्रत्येक गाँव तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचें और स्थानीय नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आजीविका के बेहतर अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा, कृषि और औद्योगिक संभावनाओं से समृद्ध है। प्रदेश के परिश्रमी और प्रतिभाशाली लोग इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। राज्य सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों और जनजातीय समुदाय के विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।
जनप्रतिनिधियों ने बाबा कार्तिक उरांव के योगदान को किया याद
कार्यक्रम में जनजातीय विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बाबा कार्तिक उरांव को जनजातीय समाज का महान जननायक और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने जनजातीय समाज के अधिकारों और उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने उनके शैक्षणिक योगदान और सामाजिक चेतना को प्रेरणादायक बताया।
सांसद चिंतामणि महाराज ने बाबा कार्तिक उरांव की प्रतिमा के अनावरण और इंजीनियरिंग महाविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखने की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सीतापुर क्षेत्र को सड़क सहित विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देने के लिए भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, विधायक रामकुमार टोप्पो, अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, संरक्षक गणेश राम भगत, समिति के अध्यक्ष डॉ. आजाद भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

