नारायणपुर। जिले के ओरछा के नदी पारा में पिछले 11 महीनों से 3 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे आदिवासी ग्रामीणों ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया है जिले के 5 अलग-अलग जगहों पर अबूझमाड़ के ग्रामीणों अपनी मांगो को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं. जिसमें नारायणपुर जिले के सोनपुर, कच्चापाल, तोयामेटा, मड़ोनार और ओरछा शामिल है. धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया है कि वे पिछले 11 माह से 104 गांव के लोग सरकार के खिलाफ 3 सूत्रीय मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे है. इसी दौरान बीते शुक्रवार की सुबह ओरछा थाने से डीआरजी के जवान लगभग 150 की संख्या में घरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से मारपीट की. ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस उनके कुछ साथियों को थाने में ले जाकर मारपीट की है.
मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने कहा जिले में आचार संहिता और धारा 144 लगा हुआ. जिसके चलते ग्रमीणों को धारा 144 का उल्लंघन न करने की समझाइश देने जवान गए हुए थे. उसी दौरान ग्रामीण जवानों पर हावी होने लगे, जिसके बाद जवानों के साथ हलकी झुमाझटकी हो गई. जिससे कुछ जवानों को मामूली चोट आई और पुलिस ने पूरे मामले पर ग्रामीण के खिलाफ ओरछा थाने में प्राथमिक रिपोर्ट भी दर्ज किया है.
ग्रामीणों ने जवानों पर तोड़फोड़ का आरोप लगाया. ग्रामीणों ने लल्लूराम डॉट कॉम की टीम को जवानों के द्वारा किये गए तोड़फोड़ किये गए सामानों के साक्ष भी दिखाए. वहीं ग्रामीणों ने कहा की टंगिया, फर्सा, लाठी और तीर धनुष हमारे पारंपरिक हथियार और परंपरागत तरीके से हम हथियारों को अपने साथ रखते हैं. वही पुलिस के जवानों द्वारा हम पर कितना भी अत्याचार किया जाए हम अपने मांगों को लेकर अडिग है और इसी तरह हम डटे रहेंगे.

