एक दुल्हन सात फेरों से पहले ही धरने पर बैठ गई, उसके परिवार वालों ने भी धरने में दुल्हन का साथ दिया। इतना ही नहीं यह सबकुछ अफसरों की हाजिरी में हुआ। दुल्हन का धरना देखकर अफसरों के हाथ पैर फूल गए। और वह भी वापस लौट गए। दुल्हन शाम को घर पहुंची और फिर से शादी की रस्में शुरू की गईं। अब हाथ में मेहंदी लगाए धरने पर बैठी दुल्हन काफी सुर्खियों में है।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक दंग कर देने वाला सामने आया है। तीन साल पहले बिजरौल गांव के देशपाल की करीब 5 एकड़ भूमि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण की गई थी। कॉरिडोर निर्माण कार्य के बीच अब फिर से किसान की करीब एक बीघा जमीन के अधिग्रहण को लेकर प्रशासन प्रयास कर रहा है,
जिसका यह परिवार व ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। देशपाल की बेटी वंशिका की रविवार रात मुजफ्फरनगर से बारात आनी है। दिन में वंशिका मेहंदी लगवाकर शादी की तैयारी में व्यस्त थी, परिवार के सदस्य घर व विवाह मंडप में शादी की तैयारी में जुटे हुए थे। इसी बीच सूचना मिली कि एनएचएआई की टीम पुलिसबल के साथ जमीन अधिग्रहण करने आ रहे हैं। इस पर परिवार के लोग आनन-फानन में मौके पर पहुंच गए। साथ में दुल्हन वंशिका भी परिवार की जमीन बचाने परिवार के लोगों के साथ वहीं धरने पर बैठ गई।
इन लोगों का आरोप था कि इस मामले में 16 अप्रैल को एडीएम बागपत के यहां आपत्ति की सुनवाई है, लेकिन अधिकारी पुलिस को लेकर जमीन पर कब्जा करने पहुंच गए। अब वे यहां तब तक धरने पर रहेंगे, जब तक सुनवाई नहीं हो जाती। दुल्हन और उसके परिवार का विरोध देखकर अफसरों के पसीने छूट गए। कड़े विरोध के चलते टीम वापस लौट गई, देर शाम दुल्हन शादी के लिए परिजनों के साथ सीधे ब्यूटी पार्लर पहुंची।
दुल्हन वंशिका के अनुसार जब टीम से निवेदन किया गया कि 16 अप्रैल को आपत्ति की सुनवाई है, तब तक कार्रवाई रोक दें, वैसे भी आज उसकी शादी है। आरोप है कि इस पर एक इंजीनियर ने उसे धमकी दी कि चुपचाप अपनी शादी करा लो, वरना ऐसी शादी कराएंगे कि जिंदगी भर याद रखोगी। इस पर वहां मौजूद परिवार के लोग भड़क उठे। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी हुई। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। विरोध बढ़ता देख टीम वापस लौट गई।

