नई दिल्ली। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ले लिया गया है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें करीब 100 आतंकियों के मारे जाने की खबर है। इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है। करीब 25 मिनट तक चले इस कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तानी सेना या सिविलियन इलाकों को निशाना नहीं बनाया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस हमले में करीब 100 आतंकियों के मौत की बात कही जा रही है।
भारतीय सेना और विदेश मंत्रालय ने इस पूरे ऑपरेशन को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस किया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी, थल सेना लेफ्टिनेंट सोफिया कुरैशी और एयर फ़ोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह के संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया गया है कि, किस तरह से आतंकी कैम्प को टारगेट किया गया था।इस पूरे हमले में भारतीय सेना में सबसे बड़ी कामयाबी बहावलपुर में मिली है। हाँ भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी मसूद अजहर के परिवार के 14 सदस्य भी इस स्ट्राइक में मारे गए है। ढेर हुए लोगों में आतंकी मसूद अजहर की बहन और बहनोई भी शामिल है। मसूद अजहर का ठिकाना बहावलपुर में था। यही से वह आतंक की फैक्ट्री चलाता था और भारत के खिलाफ साजिश रचता था।
बहरहाल इन सबके बीच हमले की जद में आये इलाके के लोगों ने इस पूरे हमले की कहानी बयान की है। एक युवक ने बताया है कि करीब रात 12:30 बजे जब वो सो रहे थे, तभी एक ड्रोन आया और सीधे मस्जिद में जा गिरा। इसके बाद एक के बाद एक तीन अलग अलग ड्रोन से निशाना बनाया गया जिससे मस्जिद का एडमिनिस्ट्रेशन एरिया तबाह हो गया। एक शख्स को वहां मौजूद था वह मौके पर ही मारा गया।

