नई दिल्ली। हर साल सावन की पूर्णिमा के दिन राखी का त्योहार मनाया जाता है। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्यार का प्रतिक माना जाता है। इस बार रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त शनिवार को मनाया जाएगा। इस साल राखी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। रक्षाबंधन पर सूर्योदय से पहले ही भद्रा समाप्त हो जाएगी। ऐसे में लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि राखी के इस त्योहार पर इस बार राहु काल अड़चन पैदा करने वाला है। भारत में अधिकांश बहनें जिस समय भाई को राखी बांधती हैं, उसी वक्त राहु काल का साया रहेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, सावन पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 02.12 बजे से लेकर 9 अगस्त को दोपहर 1.24 बजे तक रहेगी। उदिया तिथि के कारण रक्षाबंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा। वहीं इस बार रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 47 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इसका मतलब है कि, बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए पूरे 07 घंटे और 37 मिनट का समय मिलेगा।
हालांकि, शुभ मुहूर्त के बीच राहुकाल भी लगने वाला है और ज्योतिषाचार्य राहु काल में भाई को राखी नहीं बांधने की सलाह दे रहे हैं। रक्षाबंधन के दिन सुबह सुबह 09.07 बजे से लेकर सुबह 10.47 बजे तक राहु काल रहेगा। 1 घंटा 40 मिनट की इस अवधि में भाई को राखी बांधने से बचें। राहु काल में शुभ कार्य करने की मनाही होती है। इसलिए ज्योतिषविद राहु काल में भाई को राखी न बांंधने की सलाह देते हैं।

