बिलासपुर। डीजे के ध्वनि प्रदूषण और लेज़र बीम से आँखों को होने वाले गंभीर नुकसान के मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। शासन की ओर से बताया गया कि इस पर रोक लगाने के लिए कड़े कानून बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह प्रक्रिया जल्द पूरी कर कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को निर्धारित की है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि डीजे के साथ हाई फ़्रीक्वेंसी लेज़र बीम से आँखों को नुकसान होने के मामलों का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने डाटा प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। उल्लेखनीय है कि लेज़र बीम पर रोक लगाने के लिए पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मुख्य सचिव को शपथपत्र प्रस्तुत कर यह बताने के निर्देश दिए थे कि इस पर रोक के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि डीजे और साउंड बॉक्स से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर लगातार सुनवाई की जा रही है। इस मुद्दे पर हस्तक्षेप याचिका भी दायर की गई है। हस्तक्षेप याचिकाकर्ता की ओर से भी बताया गया कि लेज़र लाइट से आँखों को गंभीर नुकसान हो रहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि राज्य शासन स्पष्ट करे कि इस पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है और इसके लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

