रायपुर। राजधानी रायपुर के टेकारी रोड स्थित दलदल सिवनी बीएसयूपी कॉलोनी (आदर्श एकता सोसाइटी) में जल संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। सैकड़ों परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रोजाना पानी की तलाश में घंटों भटकना पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों पर उदासीनता के आरोप लग रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कॉलोनी में नियमित जल आपूर्ति नहीं हो रही है। कई परिवारों के लिए पीने, नहाने और घरेलू उपयोग के पानी की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
पहले आते थे 15 टैंकर, अब एक भी नहीं
रहवासियों का आरोप है कि पहले नगर निगम की ओर से प्रतिदिन करीब 15 पानी के टैंकर भेजे जाते थे, जिससे किसी तरह काम चल जाता था। लेकिन पिछले कुछ समय से टैंकरों की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। इससे जल संकट और भी विकराल हो गया है।
जनप्रतिनिधि और निगम पर उठ रहे सवाल
कॉलोनीवासियों का कहना है कि समस्या नई नहीं है। कई बार शिकायतें और मांगें रखने के बावजूद स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब मूलभूत जरूरतों की बात आती है तो जिम्मेदारों की सक्रियता दिखाई नहीं देती।
निवासी अनीता पाल ने क्या कहा
निवासी अनीता पाल का कहना है कि जल संकट ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। महिलाओं को सुबह से पानी भरने के लिए लाइन लगानी पड़ती है और कई बार घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
सबसे बड़ा सवाल
राजधानी रायपुर की आदर्श एकता सोसाइटी के लोग आखिर कब तक पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करते रहेंगे? क्या नगर निगम और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे, या फिर रहवासियों को यूं ही अपने हाल पर छोड़ दिया जाएगा?
“जब राजधानी की एक कॉलोनी पानी के लिए जूझ रही हो, तो विकास के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।”

