कबीरधाम। जिले में धान खरीदी शुरू होने के साथ ही किसानों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से पहले की तुलना में इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनी है, जिससे किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान उपार्जन कर पा रहे हैं। पंजीयन से लेकर तौल और भुगतान तक की प्रक्रिया आसान होने से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
इसी व्यवस्था का लाभ ग्राम खैरवार के किसान श्री फिरतू पात्रे को भी मिला है। पिता के हाल ही में स्वर्गवास के बाद फिरतू पात्रे ने स्वयं खेती की जिम्मेदारी संभाली। उनके पास कुल 5.50 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे धान के साथ-साथ कुछ हिस्से में गन्ने की खेती भी करते हैं। इस वर्ष उन्होंने कुल 84.80 क्विंटल धान का विक्रय किया है।
फिरतू पात्रे बताते हैं कि उनके पिता का निधन लगभग एक माह पूर्व हुआ था। अंतिम संस्कार और दशगात्र जैसे सामाजिक संस्कारों में काफी खर्च आया, जिसके चलते उन्हें कर्ज लेना पड़ा। भावुक होते हुए वे कहते हैं कि वे वर्षों से अपने पिता के साथ खेती का कार्य करते आ रहे थे और उनकी स्मृतियाँ हमेशा उनके साथ रहेंगी। उन्होंने अपने पिता का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और परंपरा के साथ किया।
उन्होंने कहा कि पिता द्वारा छोड़ी गई जमीन और शासन द्वारा धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का उचित समर्थन मूल्य आज उनके लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हो रहा है। बेहतर धान खरीदी व्यवस्था ने न केवल आर्थिक संबल दिया है, बल्कि कठिन समय में उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति भी प्रदान की है।

