रायपुर। छत्तीसगढ़ के समग्र विकास और राज्य को राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में रायपुर लोकसभा सांसद एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू से मुलाकात कर राज्य की हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की। इस दौरान सांसद अग्रवाल ने केंद्र सरकार के समक्ष कई अहम मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
सांसद श्री अग्रवाल ने रायपुर एयरपोर्ट के विस्तार, क्षमता वृद्धि एवं उसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किए जाने, रायपुर से सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन, तथा बिलासपुर एयरपोर्ट के उन्नयन कर शीघ्र पूर्ण रूप से चालू किए जाने की ठोस और तार्किक मांग रखी। उन्होंने बताया कि रायपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे वर्तमान अवसंरचना पर अत्यधिक दबाव बन रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन और मेडिकल सुविधाओं की अपार संभावनाओं वाला राज्य है, लेकिन सीमित हवाई कनेक्टिविटी के कारण विकास की गति प्रभावित हो रही है। रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किए जाने से राज्य में निवेश, उद्योग, व्यापार और मेडिकल टूरिज्म को नई दिशा मिलेगी, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सांसद अग्रवाल ने बिलासपुर जैसे प्रमुख संभागीय मुख्यालय में एयरपोर्ट के पूर्ण संचालन न होने को क्षेत्रीय असंतुलन का प्रतीक बताते हुए इसे शीघ्र शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट के संचालन से उत्तरी छत्तीसगढ़ के लाखों नागरिकों को सीधी हवाई सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को अभूतपूर्व गति प्राप्त होगी।
इसके साथ ही उन्होंने बिलासा देवी केवट हवाई अड्डा, बिलासपुर (PAB) को वर्तमान 3C श्रेणी से उन्नत कर 4C श्रेणी में विकसित करने हेतु 300 करोड़ रुपये के विशेष केंद्रीय अनुदान की मांग की। सांसद ने बताया कि वर्तमान रनवे को 1,500 मीटर से बढ़ाकर 2,885 मीटर तक विस्तारित करना पूरी तरह संभव है, जिसके लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा 290 एकड़ भूमि लौटाने की सहमति भी दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि बड़े विमानों के संचालन हेतु नए एटीसी टावर, रनवे विस्तार और आधुनिक टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा विशेष वित्तीय सहायता आवश्यक है। सांसद अग्रवाल ने बताया कि बिलासपुर राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, जहां छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, SECR और SECL जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान स्थित हैं। यह हवाई अड्डा छत्तीसगढ़ के 14 जिलों एवं मध्यप्रदेश के 3 जिलों की बड़ी आबादी के लिए जीवनरेखा साबित हो सकता है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू ने सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना, उनके दूरदर्शी सुझावों की सराहना की और आवश्यक कार्रवाई का सकारात्मक आश्वासन दिया।
इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा,
“छत्तीसगढ़ को बेहतर और सशक्त हवाई कनेक्टिविटी दिलाना मेरी प्राथमिकताओं में है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय करते हुए मैं छत्तीसगढ़ की आवाज़ को मजबूती से उठाता रहूँगा।”
छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल की यह सक्रियता उनकी दूरदृष्टि, प्रतिबद्धता और परिणामोन्मुखी कार्यशैली को दर्शाती है, जिससे न केवल रायपुर बल्कि पूरे प्रदेश को लाभ मिलने की उम्मीद है।

