बिलासपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का नाम बदले जाने के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एक द्वारा सत्यम चौक में केंद्र सरकार के खिलाफ सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना को निरस्त कर उसके स्थान पर विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबीजी रामजी अधिनियम 2025) लागू कर दिया है, जो गरीब मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
इस प्रदर्शन में शामिल विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार गरीब मजदूरों के हक को लगातार कमजोर कर रही है। मनरेगा में रोजगार की गारंटी पूरी करने के बजाय मजदूरी घटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के गरीब मजदूरों को 100 दिन का रोजगार तक नहीं मिला है, जबकि अब 125 दिन रोजगार देने का झूठा वादा किया जा रहा है।
शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ने कहा कि रोजगार गारंटी योजना कांग्रेस शासनकाल में शुरू की गई थी, जिसे केंद्र सरकार ने बंद कर नाम बदल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब इस योजना में भी धर्म की राजनीति कर रही है। कांग्रेस इस फैसले का पुरजोर विरोध करेगी और जब तक योजना को वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक सड़क की लड़ाई जारी रहेगी।
पूर्व अध्यक्ष विजय केसरवानी और विजय पांडे ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में देशहित में बनाई गई योजनाओं को केंद्र की मोदी सरकार धीरे-धीरे समाप्त कर रही है। अब गरीबों की योजनाओं का नाम बदलकर उनके अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार 100 दिन का रोजगार नहीं दे पा रही है, तो 125 दिन का रोजगार कैसे दे पाएगी।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एक के अध्यक्ष जावेद मेमन ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद देश में बेरोजगारी और महंगाई तेजी से बढ़ी है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और गांवों में भी मनरेगा के तहत काम बंद पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो बजट ग्रामीण क्षेत्रों को मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा है, जिससे मजदूरों को रोजगार से वंचित होना पड़ रहा है।
जावेद मेमन ने कहा कि बिलासपुर जिले में सबसे अधिक पलायन हो रहा है, जिसके लिए प्रदेश और देश की भाजपा सरकार जिम्मेदार है। कांग्रेस ने सत्यम चौक में महात्मा गांधी का पोस्टर लेकर नारेबाजी की और काले कानून को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “मनरेगा वापस लो”, “मजदूरों पर अत्याचार बंद करो”, “भाजपा सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए।
इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में विधायक अटल श्रीवास्तव, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी, विजय पांडेय, पूर्व महापौर रामशरण यादव, प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण, नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप, महेश दुबे, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा धितेश, ब्लॉक प्रभारी समीर अहमद, देवेंद्र सिंह बाटू, रामा शंकर बघेल, स्वप्निल शुक्ला, गौरव एरी, स्वर्ण शुक्ला, राजकुमार तिवारी, पूर्व पार्षद सीताराम जायसवाल, सुभाष ठाकुर, शारदा नागरकर, नंदनी ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।

