रायपुर। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आज चार पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क एलपीजी गैस सिलेंडर वितरित किए गए। गैस सिलेंडर मिलते ही महिलाओं के चेहरों पर राहत और खुशी साफ झलकने लगी। यह खुशी केवल सुविधा मिलने की नहीं, बल्कि वर्षों से चूल्हे के धुएं से झेली जा रही परेशानियों से मुक्ति की थी।
कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहीं मेड़ेसरा और रवेली क्षेत्र की निवासी राजेश्वरी साहू, मीना यादव, परमेश्वरी वर्मा और पावर्ती के लिए यह दिन किसी सपने के साकार होने जैसा रहा। अब तक चूल्हे पर खाना बनाते समय धुएं से आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव उनकी रोजमर्रा की मजबूरी थे।
उज्ज्वला योजना के तहत स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध होने से न केवल रसोई का माहौल बदला है, बल्कि पूरे परिवार के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। महिलाओं ने बताया कि गैस कनेक्शन मिलने से अब भोजन जल्दी, सुरक्षित और बिना धुएं के तैयार हो सकेगा।
मेड़ेसरा निवासी श्रीमती राजेश्वरी साहू ने बताया कि निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती ईंधन उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया भी बेहद सरल रही। केवल पासपोर्ट साइज फोटो, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण जमा कर बिना किसी जमा राशि के कनेक्शन मिल गया। इससे महिलाओं पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और समय की भी बचत हो रही है।
वहीं रवेली निवासी श्रीमती परमेश्वरी वर्मा ने कहा कि पहले चूल्हे के धुएं से छोटे बच्चों को भी परेशानी होती थी। अब गैस सिलेंडर मिलने से बच्चों को धुएं से राहत मिलेगी और उनका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाली मीना यादव ने बताया कि वे लंबे समय से इस सुविधा की प्रतीक्षा कर रही थीं। पहले आवेदन के बावजूद लाभ नहीं मिल पाया था, लेकिन अब वर्षों के इंतजार के बाद गैस कनेक्शन मिलने से उनके घर में खुशी का माहौल है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों की महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है। यह योजना केवल स्वच्छ रसोई का सपना ही साकार नहीं कर रही, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन स्तर को बेहतर बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।

