कोरबा।कोरबा जिले में वर्षों से अवैध रूप से संचालित ईंट-भट्ठों के खिलाफ जिला प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। बीते दो दिनों में पाली एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने 18 से अधिक ईंट-भट्ठों पर छापामार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में ईंटें जब्त की हैं। इसके साथ ही अवैध रेत परिवहन और मिट्टी खनन में प्रयुक्त वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई के बाद जहां खनन और ईंट-भट्ठा माफियाओं में अफरा-तफरी का माहौल है, वहीं पाली एसडीएम के अचानक आक्रामक एक्शन को लेकर जिलेभर में चर्चा तेज हो गई है।
गौरतलब है कि कोरबा जिले के नवनियुक्त कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पदभार ग्रहण करते ही अवैध खनन, परिवहन और अवैधानिक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देशों का असर अब ज़मीन पर साफ नजर आने लगा है। एसईसीएल की खदान से सटे हरदीबाजार, दीपका सहित आसपास के क्षेत्रों में वर्षों से संचालित अवैध ईंट-भट्ठों पर राजस्व विभाग ने सघन कार्रवाई शुरू कर दी है।
18 से अधिक भट्ठों पर कार्रवाई, 9.30 लाख ईंटें जब्त
पिछले दो दिनों में पाली एसडीएम के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान 18 से अधिक ईंट-भट्ठों से करीब 9 लाख 30 हजार अवैध ईंटें जब्त की गई हैं। इसके अलावा मिट्टी के अवैध खनन में उपयोग किए जा रहे ट्रैक्टर, जेसीबी जैसे वाहनों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में चोरी का कोयला भी जब्त किया गया है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई ईंट-भट्ठों का संचालन चोरी की बिजली से किया जा रहा था, जिस पर बिजली विभाग द्वारा अलग से कार्रवाई की गई है।
पाली एसडीएम की ओर से बताया गया कि एसईसीएल दीपका क्षेत्र में धारा 09 के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के नए निर्माण, व्यावसायिक गतिविधि और संसाधनों के दोहन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद अवैध निर्माण और ईंट-भट्ठों का संचालन किया जा रहा था।
27 दिसंबर को भी हुई बड़ी कार्रवाई
27 दिसंबर को एसडीएम रोहित सिंह के निर्देशन में हरदीबाजार तहसीलदार के नेतृत्व में टीम ने क्षेत्र में दबिश दी। इस दौरान अनीता राठौर के ईंट-भट्ठे पर कार्रवाई करते हुए 30 हजार नग अवैध ईंटें जब्त की गईं। इससे पहले हरदीबाजार और सुआभोड़ी क्षेत्र में 18 ईंट-भट्ठों पर कार्रवाई कर करीब 9 लाख ईंटें जब्त की जा चुकी हैं।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अवैध रेत और ईंट परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को राजसात करने की कार्रवाई आगे और सख्ती से की जाएगी।
मुआवजे की लालच में हो रहा अवैध निर्माण
अधिकारियों का कहना है कि धारा 09 के प्रकाशन के बाद संबंधित भूमि पर किसी भी तरह का नया निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ लोग मुआवजे की लालच और अवैध लाभ कमाने की नीयत से ईंट-भट्ठों का संचालन कर रहे हैं। साथ ही नदी-नालों से अवैध रेत का परिवहन कर निर्माण कार्यों में उपयोग किया जा रहा था।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और अधिग्रहित भूमि की सुरक्षा के लिए संयुक्त टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी और छापेमारी करती रहेगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं फर्जी मुआवजे के मामले
गौरतलब है कि एसईसीएल की अधिग्रहित भूमि पर फर्जी मकान बनाकर करोड़ों रुपये के मुआवजे के घोटाले पहले भी सामने आ चुके हैं। पूर्व में एसईसीएल और कटघोरा राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की सांठगांठ से फर्जी निर्माण दिखाकर मुआवजा लेने के मामलों की जांच वर्तमान में सीबीआई द्वारा की जा रही है। उस दौरान भी इन क्षेत्रों में अवैध ईंट-भट्ठों का संचालन जारी था, लेकिन लंबे समय तक इस पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
अब जिला प्रशासन की सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि अवैध ईंट-भट्ठों, चोरी के कोयले और रेत माफिया पर प्रभावी लगाम लगाई जा सकेगी।

