कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। चिल्फी थाना क्षेत्र में दो युवकों ने लिफ्ट देने के बहाने एक आदिवासी नाबालिग को अपने साथ ले जाकर जंगल में गैंगरेप किया। आरोपियों ने पहले नाबालिग को जबरन शराब पिलाई, फिर सुनसान इलाके में वारदात को अंजाम देकर उसे अचेत हालत में छोड़कर फरार हो गए।
सुबह जंगल में अचेत मिली पीड़िता
जानकारी के मुताबिक घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात की है। गांव में आयोजित छट्ठी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद नाबालिग रात करीब 10 बजे अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान चिल्फी निवासी राहुल मागरे और देव सिंह धुर्वे ने उसे बाइक पर लिफ्ट देने की बात कही। दोनों युवक पहले से पीड़िता को जानते थे, क्योंकि वे कुछ समय पहले एक रिजॉर्ट में साथ काम कर चुके थे।
लिफ्ट देने के बहाने दोनों आरोपी नाबालिग को सुनसान जंगल की ओर ले गए, जहां उसके साथ गैंगरेप किया गया। वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को जंगल में अचेत अवस्था में छोड़कर फरार हो गए।
ग्रामीणों ने पहुंचाया घर, अस्पताल में इलाज जारी
शनिवार सुबह सरोधा दादर से रानीदहरा जाने वाले रास्ते के पास जंगल में लकड़ी बिनने पहुंचे ग्रामीणों ने नाबालिग को घायल और अचेत हालत में देखा। ग्रामीणों ने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पीड़िता को घर पहुंचाया गया और इलाज के लिए जिला अस्पताल कवर्धा में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों राहुल मागरे और देव सिंह धुर्वे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


