मुंबई। भारतीय टेलीविजन के इतिहास में कुछ किरदार ऐसे हैं जो दशकों बाद भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं। इनमें से एक है लोकप्रिय धारावाहिक ‘विक्रम और बेताल’ का रहस्यमयी किरदार बेताल, जिसे अभिनेता सज्जन लाल पुरोहित ने निभाया था। उनकी दमदार आवाज और अनोखी प्रस्तुति ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई थी।
धारावाहिक में राजा विक्रम की भूमिका अभिनेता अरुण गोविल ने निभाई थी, जबकि बेताल के रूप में सज्जन लाल पुरोहित दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए। हर एपिसोड में बेताल द्वारा सुनाई जाने वाली रहस्यमयी कहानियां और अंत में पूछे जाने वाले सवाल दर्शकों को अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार करने पर मजबूर कर देते थे।
रामानंद सागर परिवार से था करीबी संबंध
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सज्जन लाल पुरोहित का परिवार निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर के परिवार के काफी करीब था। इसी वजह से उन्हें बेताल का किरदार निभाने का अवसर मिला और यह भूमिका उनके करियर की सबसे बड़ी पहचान बन गई।
फीस बढ़ाने की मांग बनी विवाद की वजह
बताया जाता है कि धारावाहिक की बढ़ती लोकप्रियता के बाद सज्जन लाल पुरोहित ने अपनी फीस बढ़ाने की मांग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की। इसके बाद उन्होंने शो में काम जारी रखने से इनकार कर दिया।
मेकर्स ने निकाला अलग रास्ता
अभिनेता के शो छोड़ने के बाद भी निर्माताओं ने धारावाहिक को बंद नहीं किया। पुराने एपिसोड की फुटेज और पहले से रिकॉर्ड की गई आवाज का इस्तेमाल कर शो का प्रसारण जारी रखा गया। इस तरह बिना नए कलाकार को शामिल किए कहानी को आगे बढ़ाया गया।
दोबारा नहीं मिली वैसी सफलता
मनोरंजन जगत में यह माना जाता है कि शो छोड़ने का फैसला सज्जन लाल पुरोहित के करियर के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। जिस किरदार ने उन्हें अपार लोकप्रियता दिलाई, उसके बाद उन्हें वैसी बड़ी सफलता दोबारा नहीं मिल सकी।
नोट: यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है।

