Raipur/Delhi News: केंद्र सरकार द्वारा 1 जुलाई से लागू किए जा रहे विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (VB Jiramji) के तहत छत्तीसगढ़ को 3,354.85 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन मिला है। यह घोषणा केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की उच्चस्तरीय बैठक में की गई।
रोजगार और ग्रामीण विकास को मिलेगा नया बल
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह केवल किसी योजना में बदलाव नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों की आजीविका और रोजगार से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता है कि “एक भी मजदूर बिना काम के न रहे” और समय पर रोजगार व मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
मनरेगा के लिए पहले ही जारी हो चुके हैं 30 हजार करोड़ रुपये
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मनरेगा के लिए पहले ही 30,000 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 95,692 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन घोषित किया गया है। इससे कुल राशि 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह राशि देश की लगभग 2.80 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों और रोजगार सृजन को गति मिलेगी।
डिजिटल तैयारियों पर भी जोर
बैठक में डीबीटी, ई-केवाईसी, फेस ऑथेंटिकेशन और एसएमएस आधारित सूचना प्रणाली जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कई राज्यों ने इन व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति की है।
साथ ही राज्यों को निर्देश दिए गए कि वे:
- शीघ्र राज्य स्तरीय अधिसूचना जारी करें
- कृषि के पीक सीजन को अधिसूचित करें
- 100% ई-केवाईसी सुनिश्चित करें
- जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें
सोशल ऑडिट के लिए भी बड़ा प्रावधान
बैठक में सोशल ऑडिट और केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए 1,850.62 करोड़ रुपये का अलग प्रावधान भी किया गया। इससे कुल अंतरिम आवंटन राशि 95,692.31 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 1 जुलाई से रोजगार उपलब्ध कराने और मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।

