नई दिल्ली/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के 13 विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।
संघर्ष और मेहनत की मिसाल बने युवा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक स्थिति या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता किसान हैं, कोई राजमिस्त्री का बेटा है तो कोई शिक्षक परिवार से आता है, लेकिन सभी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा के पहले चरण में सफलता हासिल की है।
मुख्य परीक्षा के लिए दिया सफलता का मंत्र
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा सफलता का पहला पड़ाव है। अब मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी पूरी निष्ठा, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ करनी होगी।
ट्राइबल यूथ हॉस्टल की सीटें 50 से बढ़ाकर 200
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि समाज के वंचित और प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है। इससे दूरस्थ जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक विद्यार्थियों को UPSC सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।
13 विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान
उल्लेखनीय है कि UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं।

