नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को संसद में विपक्ष का विरोध जारी रहा। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते करीब चार मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इस दौरान विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर संसद में आकर बयान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को आधी रात में बयान जारी करने के बजाय सदन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। तभी हम उनकी बातों को सही मानेंगे।”
दोपहर 1 बजे कैबिनेट बैठक
इधर, भाजपा ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी करते हुए सभी एनडीए सांसदों को संसद में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, दोपहर 1 बजे संसद परिसर में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक भी आयोजित की जाएगी।
सरकार का दावा- फास्ट-ट्रैक कोर्ट से मिलेगा न्याय
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि ये अदालतें रोजाना सुनवाई करेंगी, समयबद्ध तरीके से ट्रायल पूरा करेंगी और युवाओं को जल्द न्याय दिलाने का प्रयास करेंगी।
भूपेंद्र यादव ने विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने विपक्ष के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि विपक्ष के पास मुद्दे हैं तो उन्हें संसद के भीतर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और सरकार दोनों इस विषय पर बहस के लिए तैयार हैं, ऐसे में सदन के बाहर प्रदर्शन करने का कोई औचित्य नहीं है।


