रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से पोषण, बाल विकास और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को रायपुर के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में विभाग और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति पर विस्तृत मंथन हुआ।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने उद्योगों से विभाग के साथ दीर्घकालिक CSR साझेदारी विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके सहयोग से पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, महिला सशक्तिकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और नवाचार आधारित गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा, “आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे।”
महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग महिला सशक्तिकरण, बच्चों के संरक्षण तथा स्वास्थ्य एवं पोषण के तीन प्रमुख आयामों पर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि CSR सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री, डिजिटल संसाधन, स्वच्छ पेयजल, खेल सामग्री, स्वच्छता सुविधाएं और पोषण संवर्धन जैसी व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा सकता है।
बैठक में विभाग द्वारा तैयार संभावित CSR परियोजनाओं की प्रस्तुति भी दी गई। इसमें कुपोषण उन्मूलन, आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन, पोषण वाटिका, मुनगा पौधारोपण, प्रारंभिक बाल विकास, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम तथा क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी गई।
औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विभाग के प्रस्तावों में रुचि दिखाते हुए विभिन्न योजनाओं में सहयोग की संभावनाओं पर सुझाव दिए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विभाग और उद्योगों के बीच नियमित समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी और चरणबद्ध तरीके से CSR परियोजनाओं को लागू किया जाएगा।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि CSR सहयोग केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, डिजिटल सशक्तिकरण, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगा।
उल्लेखनीय है कि CSR सहयोग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ‘पंखुड़ी’ पोर्टल विकसित किया है, जबकि राज्य शासन ‘स्टेट CSR पोर्टल’ के माध्यम से विभागीय प्राथमिकताओं और CSR परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित कर रहा है।

