रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस अब लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तोड़कर हिंसक रास्ता अपना रही है। मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य की राजनीति में नई बहस का कारण बन गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को आंदोलन तथा विरोध प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध शांतिपूर्ण और मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार राजनीतिक पराजय के कारण कांग्रेस हताश हो गई है और अब पत्थरबाजी जैसी घटनाओं का सहारा ले रही है।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में सभी को आंदोलन और हड़ताल करने का अधिकार है, लेकिन लगातार हार के कारण कांग्रेस इतनी बौखला गई है कि जिस तरह कश्मीर में पत्थरबाजी होती है, उसी तरह अब वह भी पत्थरबाजी पर उतर आई है। यह उनकी बौखलाहट का परिचायक है। लोकतंत्र में आंदोलन मर्यादित और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करती है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा, अराजकता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति और गरमा गई है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के पक्ष में सरकार का स्पष्ट संदेश भी है। अब सभी की नजर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है।


