रायपुर। वन मंत्री केदार कश्यप के वन्यजीव संरक्षण के विजन के तहत बलौदाबाजार वनमंडल ने वन्यजीव संरक्षण और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘सांपों के साथ सह-अस्तित्व : स्नेक रेस्क्यू एंड अवेयरनेस वर्कशॉप-2026’ का सफल आयोजन किया। सोनबरसा वन विहार में आयोजित इस कार्यशाला में वन अधिकारियों, कर्मचारियों और ‘युवान (YUVAN)’ वॉलंटियर्स को सांपों के प्रति वैज्ञानिक समझ विकसित करने और सुरक्षित रेस्क्यू की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विषैले और अविषैले सांपों की पहचान, उनके प्राकृतिक व्यवहार, पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और मानव-सर्प संघर्ष को कम करने के उपायों की जानकारी दी। साथ ही सर्पदंश से जुड़ी भ्रांतियों, प्राथमिक उपचार और रेस्क्यू के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
सोनबरसा वन विहार में आयोजित व्यावहारिक सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने लाइव स्नेक रेस्क्यू डेमो प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों को रेस्क्यू उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और सांपों को बिना नुकसान पहुंचाए उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की तकनीक सिखाई गई।
कार्यशाला में फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) की स्टेट लीड डॉ. मंजीत कौर बाल, डॉ. जगपाल सिंह बाल, नरेंद्र कुमार यादव, अंचल ठाकुर और मानव राज ने विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों के रूप में प्रशिक्षण दिया।
वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि सांप पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके प्रति वैज्ञानिक सोच और जागरूकता विकसित कर ही मानव-सर्प संघर्ष को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम वन अमले की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ समाज में वन्यजीव संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


