रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्हें सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि जब ग्राम पंचायतें सशक्त होंगी, गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और हर ग्रामीण विकास प्रक्रिया का सहभागी बनेगा, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।
मुख्यमंत्री नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
सुशासन का मतलब अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ है कि शासन की हर योजना का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से सेवा भाव, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ काम करने तथा जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर गांव विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां स्थानीय संसाधनों और जनसहभागिता के माध्यम से आदर्श विकास मॉडल तैयार किए जा सकें।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत रोजगार सृजन, स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण, कृषि विकास, ग्रामीण अधोसंरचना और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए किसी भी प्रकार के समझौते से इनकार किया।
जल संरक्षण बने विकास की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, मृदा स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पशुपालन और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ही स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने सभी जिलों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
10.40 लाख लखपति दीदी, अब करोड़पति दीदी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 10.40 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें कौशल विकास, उद्यमिता, स्वरोजगार और नई औद्योगिक नीति से जोड़कर ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की दिशा में काम कर रही है। अधिकारियों को पात्र महिलाओं को स्व-सहायता समूहों और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचे विकास
मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सड़क, बिजली, आवास, राशन, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं दूरस्थ और दुर्गम गांवों तक तेजी से पहुंचाई जाएं। सरकार का उद्देश्य विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
पीएम आवास और सौर ऊर्जा योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की भी अपील की।
हिवड़े बाजार मॉडल से सीखने की सलाह
मुख्यमंत्री ने पद्मश्री पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि जनभागीदारी, ईमानदार नेतृत्व और जल संरक्षण के माध्यम से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक जिले की स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों के अनुरूप अपना विकास मॉडल तैयार करने का आह्वान किया।
कार्यशाला में पद्मश्री पोपटराव पवार ने हिवड़े बाजार के विकास की यात्रा साझा करते हुए बताया कि जनसहभागिता और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन से गांव आज देश का आदर्श ग्राम बन चुका है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त आईएएस अमरजीत सिन्हा सहित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


