रायपुर। प्रदेश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में संचालित एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग अगले सप्ताह तक शुरू होने की संभावना है। पहली सीट आवंटन सूची महीने के अंत तक जारी हो सकती है। वहीं नया सत्र 4 सितंबर से शुरू होगा।
इस साल भी पिछले साल की तरह हर राउंड के बाद नए सिरे से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था रहेगी। इससे वे छात्र भी पंजीयन कर सकेंगे, जो किसी कारण से पहले राउंड में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे। नए रजिस्ट्रेशन के आधार पर नई मेरिट सूची भी जारी की जाएगी।
पहले ऑल इंडिया, फिर स्टेट कोटे से एडमिशन
एनएमसी ने नए सत्र के लिए काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है। पहले ऑल इंडिया कोटे के तहत प्रवेश प्रक्रिया होगी। इसके बाद स्टेट कोटे की सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा।
मेडिकल एक्सपर्ट के अनुसार हर राउंड में नए सिरे से रजिस्ट्रेशन की सुविधा का फायदा उन छात्रों को मिलेगा, जो बेहतर कॉलेज मिलने की उम्मीद में शुरुआती राउंड में पंजीयन नहीं कराते हैं।
कई छात्र एम्स, बीएचयू जैसे संस्थानों में प्रवेश की उम्मीद रखते हैं या ऑल इंडिया कोटे से सीट मिलने की संभावना देखते हुए स्टेट काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन नहीं कराते। ऐसे में नए राउंड में रजिस्ट्रेशन का मौका मिलने से उन्हें दोबारा प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
एक साल में 595 MBBS सीटें बढ़ीं
प्रदेश में सिर्फ एक साल के भीतर एमबीबीएस की 595 सीटें बढ़ी हैं। इसके अलावा पांच सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिली है। इन नए कॉलेजों में कुल 350 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
यह मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के लिए बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। हालांकि, मान्यता मिलने के बावजूद सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ फैकल्टी से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।
पांच सरकारी और एक निजी कॉलेज को मिली मान्यता
चालू सत्र के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और कुनकुरी को मान्यता मिली है।
वहीं निजी क्षेत्र में बालाजी ग्रुप के एक अन्य कॉलेज मां पद्मावती को एमबीबीएस की 100 सीटों की मान्यता मिली है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50-50 सीटों के हिसाब से कुल 250 सीटों पर पढ़ाई होगी।
इसके अलावा नेहरू मेडिकल कॉलेज में 20, जगदलपुर में 25, रिम्स में 100 तथा अभिषेक और रावतपुरा कॉलेज में 50-50 सीटों की बढ़ोतरी हुई है।
एडमिशन से पहले होगा दस्तावेज सत्यापन
काउंसलिंग की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण दस्तावेजों का सत्यापन एडमिशन से ठीक पहले किया जाएगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी दस्तावेज को अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी।
ऐसे में छात्रों को सलाह दी गई है कि वे सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। छात्रों के पास NEET स्कोर से संबंधित दस्तावेज, जाति प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए।
सीनियर मेडिकल एक्सपर्ट और कैंसर सर्जन डॉ. युसूफ मेमन के अनुसार डीएमई की अधिकृत वेबसाइट पर एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। छात्रों को सभी दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए।
एडमिशन के बाद होगा मेडिकल सर्टिफिकेट
मेडिकल सर्टिफिकेट एडमिशन के बाद बनाया जाता है। इसके लिए कॉलेजों की ओर से संबद्ध अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्था की जाती है, ताकि छात्रों को मेडिकल परीक्षण के लिए अलग-अलग जगह भटकना न पड़े।


