रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश की एकता और अखंडता की गौरवशाली यात्रा से प्रेरणा लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण किया। उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु माहरा जैसे छत्तीसगढ़ के नायकों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने संत कबीर और बाबा गुरु घासीदास के संदेशों का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता और समानता को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह वर्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का वर्ष है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई है और छत्तीसगढ़ में भी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो चुका है और बस्तर अब माओवाद के लंबे दौर से बाहर निकलकर शांति और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। बस्तर के हर कोने में तिरंगा यात्रा के माध्यम से लोग स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर का सर्वांगीण विकास डबल इंजन सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन से बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित करने का दावा मुख्यमंत्री ने किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है और 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उनकी हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। बस्तर के लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं। नेतानार से शुरू हुए सेवा डेरा में नागरिक सुविधाओं के साथ कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। बस्तर के 461 सौर ऊर्जीकृत गांवों को ग्रिड आधारित प्रणाली से जोड़ने और 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को लाभ मिलने की बात भी उन्होंने कही।
किसानों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान का मूल्य दिया जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत किसानों को एकमुश्त राशि का भुगतान किया गया है। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने पर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है, जिनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं। सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है। सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इंद्रावती नदी पर 2,000 करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाने से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने की बात कही गई।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक देने और ‘चरण पादुका योजना’ दोबारा शुरू करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों के घरों और उनके जीवन में आई खुशियां सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से हैं।
आवास और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत प्रदेश में 24 लाख 50 हजार घर स्वीकृत किए जा चुके हैं और हर दिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
महिलाओं के लिए संचालित महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
आदिवासी विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जनजातीय क्षेत्रों में पिछले ढाई वर्षों में 93 अधूरी सड़कों का निर्माण पूरा हुआ है, जबकि पीएम जनमन योजना के तहत 1,788 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूरा होने का दावा किया गया। उन्होंने वनाधिकार पत्र, पेसा कानून और वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया।
युवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवा शक्ति की भागीदारी बढ़ाने के लिए रोजगार, शिक्षा और नवाचार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है, जबकि शिक्षक और सहायक शिक्षक के 3,946 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जा रही है। अग्निवीरों के लिए पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
नई औद्योगिक नीति के माध्यम से रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के तहत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। पीएम सेतु के तहत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। राज्य में 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं और छह शासकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेजों को सीजीआईटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपए के राज्य एआई मिशन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने की योजना है।
खेलों के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ शुरू करने की जानकारी दी। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी पद पर पदोन्नत करने और 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है। राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के अवसर खोले गए हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना के माध्यम से राज्य के 91 प्रतिशत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। नवा रायपुर में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में संस्थागत प्रसव की दर 96.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। संजीवनी एक्सप्रेस और महतारी एक्सप्रेस के माध्यम से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उद्योग और निवेश के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल का भूमिपूजन हुआ है, जिससे 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट और प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन बनाया गया है। राज्य में एआई एसईजेड और एआई डेटा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी भी उन्होंने दी।
बिजली क्षेत्र में कोरोना काल के दौरान बकाया बिलों के लिए ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ के तहत 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ करने की बात कही गई। वहीं 90 हजार से अधिक उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ ले रहे हैं।
सड़क, रेल और विमानन कनेक्टिविटी के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश के विकास को नई गति देंगे। रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क से बस्तर के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। ‘सीजी वायु योजना’ के माध्यम से प्रमुख हवाई अड्डों में हवाई सेवा का विस्तार किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 829 मोबाइल टॉवर स्थापित किए गए हैं और भारतनेट 3.0 के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने की योजना है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। सुशासन के क्षेत्र में ई-ऑफिस प्रणाली, सीएम हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है और सेवा सेतु पोर्टल पर 700 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि 7,524 ग्राम पंचायतों में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। साइबर अपराधों से निपटने के लिए राज्य में 9 नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं और डायल 112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।
पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के तहत बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की बात कही गई। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने और यहां टेंट सिटी बनाने की योजना है। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति के संरक्षण के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू करने तथा ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का भी उल्लेख किया गया।
मुख्यमंत्री ने आरंग के रीवां में 2,750 साल पुरानी मानव बस्ती की खोज को छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक समृद्धि का प्रमाण बताया। उन्होंने ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के माध्यम से 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के माध्यम से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को तीर्थस्थलों के दर्शन कराने की जानकारी दी।
अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ सभी का सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्” का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा—“जय हिंद, जय छत्तीसगढ़।”


