रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी भावी पीढ़ी को मिलने वाली शिक्षा, संस्कार और अवसरों पर निर्भर करती है। समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बच्चे की प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यह सभी की साझा जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष सहित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
कंवर समाज की एकता और संगठन शक्ति महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंवर समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। संत गहिरा गुरु सहित समाज के पुरोधाओं ने शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता का मार्ग दिखाया है। नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए इसी मार्ग पर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सामाजिक सेवा और अपने दायित्वों के निष्ठापूर्वक निर्वहन की शपथ दिलाई तथा उन्हें शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंवर समाज के पदाधिकारियों का निर्वाचन निर्विरोध और सर्वसम्मति से होना समाज की एकता और संगठन की मजबूती का प्रमाण है। यही एकजुटता समाज की सबसे बड़ी शक्ति है।
शिक्षा से खुलते हैं आगे बढ़ने के रास्ते
मुख्यमंत्री साय ने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी प्राप्त करना नहीं है। अच्छी शिक्षा व्यक्ति को उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और जिम्मेदार नागरिक बनने में भी मदद करती है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने समाज के सक्षम लोगों से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
‘मोदी की गारंटी’ के वादों को पूरा करने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए वादों को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया है।
उन्होंने प्रमुख योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा—
- सरकार गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई।
- प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनाए जा रहे हैं।
- किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है।
- महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है।
- योजना के तहत अब तक 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक महिलाओं के खातों में अंतरित किए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
- तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना फिर शुरू की गई है।
- तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 4,000 से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है।
- भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
- मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गों को तीर्थयात्रा की सुविधा दी जा रही है।
- श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से पिछले ढाई वर्षों में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की बात कही गई।
जनजातीय समाज का सम्मान और विकास प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रपति के रूप में होना पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,661 गांवों को शामिल किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से सड़क, आवास, बिजली, राशन कार्ड और नल से जल जैसी सुविधाएं पहुंचाने की बात कही।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत देशभर में बन रही लगभग 4,000 किलोमीटर सड़कों में से 2,000 किलोमीटर से अधिक सड़कें छत्तीसगढ़ में बन रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 57 एंबुलेंस की व्यवस्था किए जाने की भी जानकारी दी गई।
नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर में विकास की नई सुबह
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का बड़ा क्षेत्र चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। अब नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद वहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं।
उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से ढाई वर्षों में 500 से अधिक गांवों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
बस्तर में व्यापक स्वास्थ्य अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने और गंभीर अथवा लंबे समय से बीमार 40 हजार से अधिक लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किए जाने की जानकारी भी दी गई।
प्राकृतिक संसाधन बनेंगे विकसित छत्तीसगढ़ की ताकत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में आयरन ओर, कोयला, बॉक्साइट, लिथियम, टिन, सोना और हीरा जैसे खनिज उपलब्ध हैं।
बस्तर की वनोपज के वैल्यू एडिशन (Value Addition) पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों की आय बढ़े और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
उन्होंने बताया कि किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए पिछले ढाई वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
कंवर समाज के सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ से अधिक की घोषणा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकास और जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक की राशि देने की घोषणा की।
इसमें प्रमुख रूप से—
| स्थान/कार्य | राशि |
|---|---|
| रायपुर, लाभांडी कंवर भवन | 70 लाख रुपये |
| राजनांदगांव, छुरिया कंवर समाज भवन | 25 लाख रुपये |
| कंवर पैंकरा समाज सर्कल, तमोरा | 10 लाख रुपये |
| ग्राम खैरझिटी सामाजिक भवन | 10 लाख रुपये |
| महासमुंद, ग्राम नरतोरा सामाजिक भवन | 10 लाख रुपये |
| ग्राम झलप सामाजिक भवन | 20 लाख रुपये |
| गरियाबंद, ग्राम जोजरा कंवर समाज भवन | 10 लाख रुपये |
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लगाया सिंदूर का पौधा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के निर्माणाधीन सामुदायिक भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सिंदूर का पौधा लगाया।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, वरिष्ठ समाजजनों और प्रबुद्धजनों ने भी पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, महासचिव शिव कुमार कंवर, कार्यकारी अध्यक्ष थान सिंह दीवान, महिला प्रभाग अध्यक्ष सविता साय, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह कंवर, आर.के. साय, भीम सिंह कंवर सहित कंवर समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।


