रायपुर, 29 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत हर माह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा, पोषण और बेहतर भविष्य के लिए भी आर्थिक सहयोग कर पा रही हैं।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पाडारवानी निवासी श्रीमती सीमा उइके के लिए महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में मिली एक हजार रुपये की राशि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की राह में सहारा बन रही है। वह योजना से प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा और उनकी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं।
रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से दोगुनी हुई खुशी
रक्षाबंधन से पहले खाते में राशि पहुंचने से सीमा उइके की खुशियां दोगुनी हो गईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सितंबर माह की राशि अगस्त में ही देकर बहनों को रक्षाबंधन का उपहार दिया है।
सीमा ने कहा, “विष्णु भैया ने सितंबर माह की राशि अगस्त में ही देकर हम बहनों को रक्षाबंधन का उपहार दिया है। इससे हमारी खुशियां दोगुनी हो गई हैं।”
बच्चों की शिक्षा और जरूरतों में मिल रही मदद
सीमा उइके ने बताया कि महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता परिवार की जरूरतों को पूरा करने में काफी मददगार साबित हो रही है। इस राशि से बच्चों की शिक्षा, पोषण और अन्य आवश्यकताओं पर खर्च करने में उन्हें सहूलियत मिलती है।
नियमित आर्थिक सहायता से परिवार के खर्चों को व्यवस्थित करने में भी मदद मिल रही है। सीमा के अनुसार, योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का मजबूत आधार बन रही है।
आर्थिक सहायता से बढ़ा आत्मविश्वास
सीमा ने बताया कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। अब वह अपने बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए अधिक मजबूती और विश्वास के साथ निर्णय ले पा रही हैं।
उनके लिए योजना की राशि केवल तत्काल जरूरत पूरी करने का माध्यम नहीं है, बल्कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सहयोग है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार
सीमा उइके ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता उनके लिए सिर्फ एक हजार रुपये की राशि नहीं, बल्कि परिवार के बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का संबल है।
सीमा की कहानी यह दर्शाती है कि नियमित आर्थिक सहायता परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ महिलाओं को अपने बच्चों की शिक्षा और भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।


