रायपुर। प्रदेश में खरीफ सीजन की खेती-किसानी का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। 1 सितंबर 2026 की स्थिति में राज्य के 47.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। चालू खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने कुल 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए किसानों को सुगमता से खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों की मांग के अनुसार प्रमाणित खाद-बीज की सुगम उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भंडारण रखने और उसकी लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारी खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
किसानों को 12.48 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित
कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक किसानों को 12.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक और 4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं।
प्रदेश में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी 47.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पूरी हो चुकी है। यह निर्धारित 48.69 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य का 98 प्रतिशत है।
चालू खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा है। इसके मुकाबले सहकारी और निजी क्षेत्रों में 16.87 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। भंडारित उर्वरक में से अब तक 12.48 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 74 प्रतिशत है।
इसी तरह खरीफ सीजन 2026 के लिए बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। इसके मुकाबले 4.80 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है और अब तक 4.58 लाख क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
प्रदेश में 898.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
अधिकारियों के अनुसार 1 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में 898.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिलीमीटर है।
अब तक दर्ज औसत वर्षा पिछले 10 वर्षों की इसी अवधि की औसत वर्षा 877.2 मिलीमीटर से 21.7 मिलीमीटर अधिक है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 881.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।
किसानों को 7,834.96 करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण
किसानों को खेती-किसानी में आर्थिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
31 अगस्त 2026 की स्थिति में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को 7,834.96 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 6,522.09 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया था।
चालू वर्ष में किसानों को कुल 8,800 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


