रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री साय के साथ राष्ट्रपति भवन की यादगार यात्रा और राष्ट्रपति के साथ हुए आत्मीय संवाद के अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को इस विशेष अवसर के लिए बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में गौरव की बात है। प्रदेश के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी यात्रा के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहा। राष्ट्रपति ने उनसे सहजता और आत्मीयता से बातचीत करते हुए उनकी शिक्षा, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण और वहां बिताए यादगार पलों के अनुभव भी मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें सही अवसर, प्रोत्साहन और मंच मिले तो वे हर क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। ऐसे अवसर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके सपनों को नई ऊंचाई देते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई जारी रखने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने CWSN विद्यार्थी नुकेश को बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट और संवाद का विशेष अवसर मिला था। इस दौरान राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से आत्मीयतापूर्वक बातचीत की और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस मुलाकात का सबसे भावुक और यादगार क्षण उस समय आया, जब राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने CWSN (Children with Special Needs) विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को स्वयं राखी बांधी। राष्ट्रपति का यह स्नेह नुकेश के साथ वहां मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी जीवनभर याद रखने वाली स्मृति बन गया।
राष्ट्रपति भवन में दिखी छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की सुंदर झलक भी राष्ट्रपति भवन में देखने को मिली। छात्राओं ने प्रदेश के पारंपरिक सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। लोक परंपरा, गीत-संगीत और सांस्कृतिक सौंदर्य से सजी इस प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रस्तुति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह विशेष रूप से प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश के बच्चों ने राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभा के साथ उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी सुंदर परिचय दिया।
उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति हमारी पहचान और अमूल्य धरोहर है। नई पीढ़ी जब इसे आत्मसात कर देश के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुत करती है, तो हमारी परंपराओं को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलती है।
विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपति से प्राप्त प्रोत्साहन और यात्रा से मिले अनुभव को वे अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाएं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को बड़ा रखें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी उपलब्धियों से परिवार, प्रदेश और देश को गौरवान्वित करें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में नारायणपुर जिले की राजवती पोयाम, सुकमा जिले के हिमांशु ठाकुर, दुर्ग जिले की पायल राजानी, महासमुंद जिले की रागनी साहू, रायपुर जिले के नुकेश कुमार वर्मा तथा महासमुंद जिले के दुर्गेश साहू एवं डिगेश सेन शामिल थे।
इस अवसर पर डॉ. मुक्ति बैस, राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा, रायपुर तथा श्री चंद्रशेखर मिथलेश, व्याख्याता (भौतिकी), शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद भी उपस्थित रहे।


