मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। पंजीयन शुल्क में महिलाओं को दी जा रही 50 प्रतिशत की छूट का सीधा लाभ अब प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है।
राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार महिलाओं के पक्ष में जमीन एवं अन्य अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर आधी कर दी गई है। पहले संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर 4 प्रतिशत पंजीयन शुल्क लिया जाता था, जिसे महिलाओं के पक्ष में होने वाली रजिस्ट्री के लिए घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस फैसले से महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाने को प्रोत्साहन मिल रहा है। साथ ही, रजिस्ट्री के दौरान होने वाला आर्थिक खर्च भी कम हो रहा है।
रजिस्ट्री शुल्क में छूट से ₹25 हजार की बचत
रायगढ़ निवासी श्रीमती शर्मिला मिश्रा ने सरकार की इस सुविधा का लाभ उठाते हुए जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने से उन्हें करीब 25 हजार रुपये की बचत हुई।
श्रीमती शर्मिला मिश्रा ने कहा कि सरकार का यह निर्णय महिलाओं के लिए आर्थिक राहत देने वाला है। उनके अनुसार महिलाओं के नाम पर संपत्ति होने से न केवल रजिस्ट्री का खर्च कम होता है, बल्कि उनके आर्थिक अधिकार और सामाजिक सुरक्षा भी मजबूत होती है।
उन्होंने महिलाओं के नाम पर संपत्ति को प्रोत्साहित करने वाली इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री एवं पंजीयन मंत्री श्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
सरकार की इस पहल से महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ने के साथ उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


