मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को लेकर किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने देश के शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाया है। जिले को इस अभियान में देश में 8वां स्थान प्राप्त हुआ है।
नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे नवाचारों, सामुदायिक सहभागिता और जनभागीदारी आधारित प्रयासों की जानकारी राष्ट्रीय मंच पर साझा की।
2.46 लाख से अधिक जल संचयन संरचनाओं का निर्माण
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप और कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जल संरक्षण को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया गया।
जिला प्रशासन द्वारा “मोर गांव-मोर पानी अभियान 3.0” के तहत ग्राम पंचायतों, महिला समूहों, युवाओं, ग्रामीण समुदाय और विभिन्न विभागों की सहभागिता से जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण की गतिविधियां व्यापक स्तर पर संचालित की गईं।
अभियान के तहत जिले में 2,46,488 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इन संरचनाओं की कुल जल संचयन क्षमता लगभग 5,146.30 लाख लीटर है। अभियान में 10,78,911 लोगों की प्रत्यक्ष भागीदारी दर्ज की गई है।
यह अभियान जिले के 736 गांवों, 519 ग्राम पंचायतों और 9 नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है।
प्रधानमंत्री आवासों से लेकर खेतों तक जल संरक्षण
जिले में प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, डबरी एवं चेकडैम निर्माण, खेत एवं सामुदायिक जल संरचनाएं, नाला उपचार, गैबियन संरचनाएं तथा अन्य भू-जल रिचार्ज गतिविधियों को प्राथमिकता दी गई है।
विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवासों के साथ रूफ वाटर हार्वेस्टिंग को जोड़कर जल संरक्षण को प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
जिला प्रशासन ने जल संरक्षण की रणनीति को “हर घर पानी घर में, मोहल्ले का पानी मोहल्ले में, खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में” की अवधारणा से जोड़ा है।
जनभागीदारी से बना जल संरक्षण का मॉडल
जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जल चौपाल, रैलियां, रंगोली, दीप प्रज्वलन, महिला समूहों की गतिविधियां और विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से जिले में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसी का परिणाम है कि बलौदाबाजार-भाटापारा ने राष्ट्रीय स्तर पर देश के शीर्ष 10 जिलों में स्थान हासिल किया।
यह उपलब्धि बताती है कि स्थानीय संसाधनों, नवाचार और सामुदायिक भागीदारी के समन्वय से जल सुरक्षा के क्षेत्र में प्रभावी और अनुकरणीय मॉडल तैयार किया जा सकता है।


