रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में शहरों में नागरिक सुविधाओं और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छता, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नगरीय निकायों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर, 31 का निर्माण जारी
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ की प्रगति की समीक्षा की। योजना के तहत तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिनमें 31 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसरों के काम में तेजी लाने के साथ प्रस्तावित सीटों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की।
नागरिक-केंद्रित शहरों के विकास पर जोर
नगरोत्थान योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों में मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास जैसी यातायात संबंधी अधोसंरचनाओं का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वीकृत नगरीय विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसके अंतर्गत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री ने पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर छठे स्थान पर
अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश में छठा स्थान प्राप्त किया है। राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग-2026 में रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 ने 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी और वार्ड क्रमांक 30 ने 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में स्थान प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विभाग और नगर निगम की टीम को बधाई दी। उन्होंने शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने, उद्यान विकसित करने और कम वृक्षों वाले क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण के निर्देश दिए। साथ ही, शहरी ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए प्रत्येक नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रसंस्करण प्लांट स्थापित करने की दिशा में कार्य करने को कहा।
PM आवास के पात्र हितग्राहियों को जल्द मिले घर
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वीकृत आवासों, निर्माण की स्थिति, आवंटन और व्यवस्थापन की जानकारी ली। उन्होंने पात्र परिवारों को जल्द पक्के आवास का लाभ दिलाने के लिए आवंटन एवं व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
चार शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना संबंधी कार्य मार्च 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि ई-बस सेवा से नागरिकों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन मिलेगा तथा पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
नागरिकों की शिकायतों का हो त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स के पुनरीक्षण तथा नगरीय निकायों के विद्युत देयकों की जानकारी लेते हुए बिजली बिलों का नियमित मासिक भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए राजस्व एवं कर संकलन बढ़ाने पर जोर दिया।
अमृत मिशन की धीमी प्रगति पर CM साय नाराज
अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। अमृत मिशन के लंबित कार्यों को मिशन मोड में लेकर तेजी से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन की दिशा में भी योजनाबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
8 नगरीय निकायों में 800 करोड़ के CBG प्लांट
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य परिवहन एवं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्वच्छ और सतत ईंधन उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं के परिणाम धरातल पर स्पष्ट दिखाई देने चाहिए। उन्होंने योजनाओं की नियमित समीक्षा, निर्माण कार्यों की सतत निगरानी और सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


