सरकारी व्यवस्था में शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई का उदाहरण मरवाही विकासखंड के रटगा गांव में देखने को मिला। गांव के संत राम ने खराब हैंडपंप को लेकर CM हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद संबंधित विभाग सक्रिय हुआ और महज 24 घंटे के भीतर हैंडपंप को ठीक कर दोबारा चालू कर दिया गया।
ग्रामीणों को मिली पेयजल राहत
हैंडपंप के चालू होने के बाद संत राम समेत आसपास के ग्रामीणों को फिर से आसानी से पेयजल उपलब्ध होने लगा। लंबे समय से पानी को लेकर हो रही परेशानी दूर होने पर ग्रामीणों ने राहत जताई।
शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंची टीम
CM हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के बाद जिला प्रशासन ने इसे संबंधित विभाग तक पहुंचाया। इसके बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मैदानी टीम रटगा गांव पहुंची और खराब हैंडपंप का निरीक्षण किया।
आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा करने के बाद हैंडपंप को 24 घंटे के भीतर चालू कर दिया गया। इससे ग्रामीणों को समस्या के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिली।
संत राम बोले- उम्मीद नहीं थी इतनी जल्दी होगा समाधान
शिकायतकर्ता संत राम ने बताया कि हैंडपंप खराब होने के कारण आसपास के लोगों को पानी के लिए परेशानी हो रही थी। उन्होंने CM हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद विभागीय कर्मचारी जल्द ही मौके पर पहुंचे।
संत राम ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि समस्या इतनी जल्दी दूर हो जाएगी। 24 घंटे के भीतर हैंडपंप ठीक होने से अब ग्रामीणों को आसानी से पानी मिल रहा है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार जताया।
छोटी शिकायत, लोगों के लिए बड़ा भरोसा
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। रटगा गांव की यह घटना बताती है कि शिकायत दर्ज होने के बाद विभागीय अमला तेजी से कार्रवाई करे तो स्थानीय समस्याओं का कम समय में समाधान संभव है।
सुशासन का असर जमीन पर
CM हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से ग्रामीण अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। रटगा में शिकायत से लेकर हैंडपंप के दोबारा शुरू होने तक की प्रक्रिया 24 घंटे के भीतर पूरी हुई, जिसका सीधा लाभ ग्रामीणों को मिला।
इस तरह की त्वरित शिकायत निराकरण व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को समय पर सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि सरकारी सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।


