रायपुर, 23 सितंबर 2026। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला की ग्राम पंचायत धनौली निवासी श्रीमती शांति बाई के लिए पक्का घर सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है। कभी मिट्टी के कच्चे घर में बारिश के दौरान सुरक्षा की चिंता के बीच जीवन बिताने वाली शांति बाई आज अपने पक्के और सुरक्षित आशियाने में सुकून के साथ रह रही हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत शांति बाई के परिवार को पक्का आवास मिला है। योजना का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराना है। वहीं, शांति बाई को सामाजिक सुरक्षा के तहत विधवा पेंशन का लाभ भी मिल रहा है, जिससे उन्हें नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार के आधिकारिक सेवा पोर्टल पर विधवा पेंशन के लिए सामाजिक कल्याण विभाग की सेवा भी उपलब्ध है।
कच्चे घर से पक्के आशियाने तक बदली जिंदगी
शांति बाई बताती हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश का मौसम शुरू होते ही घर की सुरक्षा और परिवार को लेकर चिंता बढ़ जाती थी। घर के आसपास कीचड़ और पानी जमा होने से रोजमर्रा के काम भी प्रभावित होते थे।
कच्चे घर में रहने के दौरान हर बारिश उनके परिवार के लिए नई परेशानी लेकर आती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने के बाद परिस्थितियों में बदलाव आया है। मजबूत दीवारों और सुरक्षित छत वाले नए घर ने परिवार को मौसम संबंधी परेशानियों से राहत दी है।
आवास के साथ विधवा पेंशन का भी सहारा
शांति बाई के लिए पक्के आवास के साथ मिलने वाली विधवा पेंशन भी आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। उनका कहना है कि पक्का घर मिलने से परिवार को सुरक्षा और सुविधा मिली है, जबकि पेंशन की सहायता से घर के जरूरी खर्चों में मदद मिलती है।
इस तरह आवास और सामाजिक सुरक्षा की दोनों सुविधाएं उनके लिए जीवन को अधिक सुरक्षित बनाने में मददगार साबित हो रही हैं।
योजनाओं के लाभ से ग्रामीण परिवारों को मिल रहा सहारा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार केंद्र और राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। ग्रामीण परिवारों के लिए आवास, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार इसी व्यापक कल्याणकारी प्रयास का हिस्सा है।
शांति बाई का अनुभव बताता है कि किसी परिवार के लिए पक्का घर मिलने से केवल रहने की जगह में बदलाव नहीं आता, बल्कि सुरक्षा और भविष्य को लेकर भरोसा भी मजबूत होता है।
अब बारिश में घर की चिंता नहीं
अपने अनुभव साझा करते हुए शांति बाई कहती हैं कि पहले बारिश के दिनों में कच्चे घर को लेकर लगातार चिंता बनी रहती थी। अब पक्का घर मिलने के बाद उनका परिवार खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करता है।
वे आवास योजना का लाभ मिलने और पेंशन के माध्यम से आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
शांति बाई के लिए नई उम्मीद का आधार बना पक्का घर
शांति बाई की कहानी ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के लाभ से जीवन में आने वाले बदलाव की एक व्यक्तिगत मिसाल है। पक्का आवास उनके परिवार को मौसम की परेशानियों से राहत देने के साथ सुरक्षित जीवन का आधार उपलब्ध करा रहा है। वहीं, विधवा पेंशन उनके लिए आर्थिक सहायता का माध्यम बनी हुई है।
पक्का घर, सुरक्षित जीवन और सामाजिक सुरक्षा—इन सुविधाओं के साथ शांति बाई के परिवार के लिए आगे का जीवन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है।


